राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक कस्बे से निकलकर एक युवा खिलाड़ी ने बॉडी बिल्डिंग की दुनिया में ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसने पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में चर्चा बटोर ली है। रितिका मोदी ने महज छह महीनों के भीतर लगातार छह मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया है, जो किसी भी उभरते खिलाड़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि का सबसे बड़ा पड़ाव तब सामने आया जब उन्होंने ‘मिस राजस्थान 2026’ का खिताब जीतकर खुद को राज्य की शीर्ष महिला बॉडीबिल्डर्स में स्थापित कर लिया।
एक साधारण परिवार से आने वाली रितिका मोदी की यह सफलता यूं ही नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार खुद को बेहतर बनाने की जिद छिपी है। उनकी यात्रा की शुरुआत 10 अक्टूबर 2025 को जयपुर में आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता से हुई थी, जहां उन्होंने NPC (नेशनल फिजीक कमेटी) द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में भाग लेकर अपना पहला ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह उनके करियर का पहला कदम था, जिसने उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया।
पहले मेडल के बाद रितिका ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनके कोच हरज्योत सिंह के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने प्रशिक्षण को और अधिक कठोर और तकनीकी बनाया। इसका परिणाम यह रहा कि महज 17 दिनों के भीतर उन्होंने दो और बड़े खिताब अपने नाम कर लिए। उन्होंने ‘मिस बीकानेर’ प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता और अगले ही दिन फिर जयपुर में आयोजित ‘मिस रॉयल राजस्थान’ प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल कर सभी को चौंका दिया। इस तरह बहुत कम समय में लगातार सफलताएं हासिल कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह केवल एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी ही नहीं बल्कि एक मजबूत प्रतियोगी भी हैं।
रितिका की इस जीत का सिलसिला यहीं नहीं रुका। 5 अप्रैल 2026 को बीकानेर में आयोजित ‘मिस राजस्थान 2026’ प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल और खिताब दोनों अपने नाम किए। यह उपलब्धि उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा मुकाम साबित हुई है। इस जीत के साथ ही उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करने की पूरी क्षमता रखती हैं और भविष्य में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
अगर उनके छह महीनों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो यह किसी सपने से कम नहीं लगता। इस दौरान उन्होंने कुल छह मेडल जीते हैं, जिनमें दो गोल्ड, एक सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए बेहद कठिन होता है, लेकिन रितिका ने इसे अपनी मेहनत और समर्पण से संभव कर दिखाया।
अपनी इस सफलता का श्रेय रितिका अपने परिवार और कोच को देती हैं। उनका कहना है कि अगर परिवार का सहयोग और मार्गदर्शन नहीं मिलता, तो इस मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं था। उन्होंने यह भी बताया कि बॉडी बिल्डिंग जैसे क्षेत्र में महिलाओं के लिए शुरुआत करना आसान नहीं होता, लेकिन अगर आत्मविश्वास और लक्ष्य स्पष्ट हो तो हर चुनौती को पार किया जा सकता है।
मिस राजस्थान बनने के बाद जब रितिका अपने गृह क्षेत्र देशनोक पहुंचीं, तो उनका भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय लोगों ने उन्हें गर्व का प्रतीक मानते हुए सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने करणी माता के मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद भी लिया। मंदिर प्रन्यास और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा उनका पारंपरिक तरीके से अभिनंदन किया गया, जिसने उनके इस सफर को और भी यादगार बना दिया।
रितिका मोदी की यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उन हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग जैसे क्षेत्रों में अपना करियर बनाना चाहती हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों से निकलकर भी बड़े सपने देखे जा सकते हैं और उन्हें पूरा किया जा सकता है।


