नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी National Testing Agency (NTA) ने UGC NET दिसंबर 2025 सत्र की संशोधित फाइनल आंसर की जारी कर दी है। यह फैसला Delhi High Court के निर्देशों के बाद लिया गया है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को राहत मिली है। इस संशोधित आंसर की में विशेष रूप से हिस्ट्री और कॉमर्स विषयों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जबकि अन्य विषयों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
दरअसल, इससे पहले 3 अप्रैल को जारी की गई फाइनल आंसर की को लेकर अभ्यर्थियों ने कई सवाल उठाए थे। उस समय केवल हिस्ट्री, इकोनॉमिक्स, एजुकेशन, कॉमर्स और हिंदी विषयों की आंसर की जारी की गई थी, लेकिन कई उम्मीदवारों का दावा था कि कुछ प्रश्नों के उत्तर गलत हैं या अस्पष्ट हैं। इन आपत्तियों के बाद मामला कोर्ट तक पहुंचा और अंततः हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एनटीए को संशोधन करना पड़ा।
संशोधित आंसर की में सबसे ज्यादा बदलाव हिस्ट्री विषय में देखने को मिले हैं। एनटीए ने इस विषय के चार प्रश्नों को पूरी तरह हटा दिया है, जबकि तीन प्रश्नों को ऐसे माना गया है जिनके दो-दो सही उत्तर हो सकते हैं। यह फैसला अभ्यर्थियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों और विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद लिया गया है। हिस्ट्री विषय में इस बार करीब 60 हजार से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे, इसलिए इन बदलावों का असर बड़ी संख्या में छात्रों के परिणाम पर पड़ सकता है।
कॉमर्स विषय में भी कुछ महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। 3 जनवरी को आयोजित कॉमर्स परीक्षा की पहली शिफ्ट में तीन प्रश्नों को हटाया गया है और एक प्रश्न के लिए दो सही उत्तर स्वीकार किए गए हैं। इस बदलाव का सीधा प्रभाव उन उम्मीदवारों पर पड़ेगा जिन्होंने इस विषय की परीक्षा दी थी। इससे उनके स्कोर में सुधार होने की संभावना है।
वहीं, इकोनॉमिक्स, एजुकेशन और हिंदी जैसे अन्य विषयों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। इन विषयों की पहले जारी की गई आंसर की को ही अंतिम माना गया है। इससे यह साफ हो गया है कि इन विषयों में एनटीए को कोई बड़ी त्रुटि नहीं मिली।
इस पूरे मामले की शुरुआत एक अभ्यर्थी कार्तिकेय काहोल द्वारा दायर याचिका से हुई थी। उन्होंने कुछ प्रश्नों को चुनौती देते हुए कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसके बाद कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एनटीए को आंसर की की दोबारा समीक्षा करने के निर्देश दिए। इसी प्रक्रिया के तहत यह संशोधित आंसर की अब जारी की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संशोधन परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए जरूरी हैं। हालांकि, इससे परीक्षा प्रक्रिया में देरी जरूर होती है, लेकिन इससे छात्रों का भरोसा मजबूत होता है कि उनकी मेहनत के साथ न्याय होगा।
अब अगला बड़ा सवाल यह है कि संशोधित आंसर की के बाद परिणाम कब जारी होंगे। एनटीए ने संकेत दिए हैं कि नई आंसर की के आधार पर परिणामों की पुनर्गणना की जा रही है और जल्द ही संशोधित रिजल्ट घोषित किए जाएंगे। इससे उन छात्रों को खासतौर पर फायदा मिल सकता है जिनके अंक पहले की आंसर की के कारण प्रभावित हुए थे।
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नई आंसर की डाउनलोड करें और अपने उत्तरों का मिलान करें। इससे उन्हें अपने संभावित स्कोर का अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी।


