शोभना शर्मा। कृषि क्षेत्र से जुड़े किसानों के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। अब सब्जी, फल और मसालों की खेती करने वाले किसानों को अपनी उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और वैल्यू एडिशन करने में मदद मिलेगी। एग्री इंफ्रा फंड (Agri Infra Fund – AIF) के तहत अब सोलर ड्रायर (Solar Dryer) लगाने के लिए भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के उपयोग से आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना है।
कटाई के बाद की सबसे बड़ी चुनौती का समाधान
अक्सर बरसात के मौसम में सब्जियों, फलों और मसालों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना कठिन होता है। नमी और तापमान के बदलाव के कारण ये जल्दी खराब हो जाते हैं, जिससे किसानों को मजबूरी में कम दामों पर इन्हें बेचना पड़ता है। परिणामस्वरूप उनकी मेहनत और लागत का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। अब अगर किसान अपनी उपज को सोलर ड्रायर के माध्यम से सुखाते हैं, तो वे उन्हें कई महीनों तक सुरक्षित रख सकते हैं। इससे न केवल उत्पाद की शेल्फ लाइफ बढ़ती है, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी बनी रहती है। इस प्रक्रिया से किसान बाद में अपनी उपज को अधिक दामों पर बेच सकते हैं या प्रोसेस्ड प्रोडक्ट्स बनाकर बाजार में उतार सकते हैं।
एग्री इंफ्रा फंड की नई पहल: सोलर ड्रायर के लिए वित्तीय सहायता
केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने एग्री इंफ्रा फंड के तहत घोषणा की है कि अब सोलर ड्रायर लगाने के लिए ऋण (Loan) उपलब्ध होगा। इस कदम से किसानों, कृषि उद्यमियों, एफपीओ (FPOs), स्वयं सहायता समूहों (SHGs), और स्टार्ट-अप्स को अपनी फसल के प्रसंस्करण और संरक्षण में नई दिशा मिलेगी। यह पहल किसानों को क्लीन एनर्जी (Clean Energy) अपनाने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने के लिए भी प्रोत्साहित करती है।
योजना की मुख्य विशेषताएं
पात्रता (Eligibility):
किसान, एफपीओ, कृषि उद्यमी, स्वयं सहायता समूह और कृषि आधारित स्टार्ट-अप्स इस योजना के लिए पात्र होंगे।
योजना के तहत सोलर ड्रायर की स्थापना के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
लोन राशि (Loan Amount):
अधिकतम ₹2 करोड़ तक का ऋण सोलर ड्रायर की स्थापना के लिए दिया जाएगा।
ब्याज सबवेंशन (Interest Subvention):
लाभार्थियों को ऋण पर 3% ब्याज सबवेंशन मिलेगा।
लोन अवधि (Loan Tenure):
ऋण की अदायगी की अवधि 7 वर्ष तक होगी।
लोन प्रोसेसिंग समय (Loan Processing Time):
बैंकों द्वारा ऋण प्रक्रिया को 60 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा।
यह प्रावधान किसानों और संगठनों को शीघ्र वित्तीय सहायता सुनिश्चित करता है, जिससे वे सोलर ड्रायर यूनिट की स्थापना आसानी से कर सकें।
योजना के प्रमुख उद्देश्य
कटाई के बाद नुकसान में कमी:
सोलर ड्रायर तकनीक का उपयोग करके फसल की नमी को वैज्ञानिक तरीके से हटाया जा सकता है, जिससे उपज लंबे समय तक सुरक्षित रहती है। यह किसानों को बरसात या बाजार में मांग घटने की स्थिति में भी नुकसान से बचाता है।नवीकरणीय ऊर्जा का प्रोत्साहन:
कृषि क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना इस योजना का प्रमुख लक्ष्य है। यह पहल कार्बन उत्सर्जन को घटाने और पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देने में मदद करेगी।वैल्यू एडिशन और रोजगार सृजन:
सोलर ड्रायर के माध्यम से किसान न केवल सूखे फल, सब्जियां और मसाले तैयार कर सकते हैं, बल्कि वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स जैसे पाउडर, फ्लेक्स या रेडी-टू-यूज प्रोडक्ट्स भी बना सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार और आय दोनों में वृद्धि होगी।कृषि क्षेत्र का आधुनिकीकरण:
सरकार इस योजना के माध्यम से एग्रीकल्चर सप्लाई चेन को आधुनिक बनाने और उसे टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सेक्टर में बदलने का प्रयास कर रही है।
संपर्क और आवेदन की प्रक्रिया
जो किसान, उद्यमी या संगठन इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे एग्री इंफ्रा फंड की आधिकारिक वेबसाइट agriinfra.dac.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। साथ ही किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए किसान कॉल सेंटर (Kisan Call Centre) के टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर संपर्क किया जा सकता है।


