मनीषा शर्मा। राजस्थान में ई-पंजीयन कानून लागू होने के बाद सोसाइटी पट्टों पर आधारित खरीद-बिक्री की रजिस्ट्री को लेकर अचानक बड़ी गफलत पैदा हो गई। अधिसूचना जारी होने के बाद यह भ्रम फैल गया कि सोसाइटी पट्टों पर आधारित रजिस्ट्री पर अघोषित रोक लगा दी गई है। इस गलतफहमी के चलते गुरुवार और शुक्रवार को जयपुर में पंजीयन कार्य बाधित हुआ और वकीलों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हालांकि शुक्रवार को ही पंजीयन-मुद्रांक विभाग ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि सोसाइटी पट्टों की रजिस्ट्री पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है और प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी। अधिकारियों ने इस पूरे विवाद को मात्र “गलत व्याख्या से उत्पन्न गफलत” बताया। विभाग की ओर से आश्वासन मिलने के बाद वकीलों ने तुरंत अपना आंदोलन वापस ले लिया और दोपहर बाद से रजिस्ट्री की प्रक्रिया फिर से सामान्य रूप से शुरू कर दी गई।
दो दिनों तक रुका रहा पंजीयन कार्य
पंजीयन प्रक्रिया को लेकर प्रशासन और वकीलों के बीच दो दिन से गतिरोध बना हुआ था। जयपुर में पंजीयन कार्यालयों में काम बंद रहने से करीब 2000 से अधिक रजिस्ट्री लंबित हो गईं।
वकीलों का कहना था कि ई-पंजीयन अधिसूचना के कारण सोसाइटी पट्टों की रजिस्ट्री नहीं की जा रही, जिससे आम जनता और खरीदारों को भारी परेशानी हो रही है।
इस पर शुक्रवार को दिनभर पंजीयन-मुद्रांक विभाग के अधिकारियों और वकीलों के बीच कई दौर की बैठकें हुईं।
डीआईजी स्टाम्प (जयपुर)-प्रथम देवेंद्र कुमार जैन ने बातचीत में वकीलों को स्पष्ट किया कि रजिस्ट्री पर कोई रोक नहीं है और सोसाइटी पट्टों की रजिस्ट्री पहले की तरह नियमित रूप से जारी रहेगी। उन्होंने स्वीकार किया कि आदेश की गलत व्याख्या के कारण यह भ्रम फैला।
सरकार स्तर पर सक्रियता बढ़ी
वकीलों के आंदोलन के बाद मामला सीधे सरकार स्तर पर पहुंच गया।
पंजीयन-मुद्रांक विभाग, नगरीय विकास विभाग और सहकारिता विभाग के अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए और स्थिति को सामान्य करने के लिए वकीलों से वार्ता की।
द डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव अखिलेश जोशी ने बताया कि विभागीय अधिकारियों ने अधिसूचना की गलत व्याख्या की, जिससे यह गफलत पैदा हुई। उन्होंने कहा कि अब विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि सोसाइटी पट्टों की रजिस्ट्री पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं है।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। कांग्रेस ने इसे आम लोगों के हित से जुड़ा मामला बताते हुए शुक्रवार को प्रदर्शन किया।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आरआर तिवाड़ी ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि सोसाइटी पट्टों की रजिस्ट्री पूर्व की तरह ही जारी रखी जाए और किसी भी प्रकार का अवरोध न लगाया जाए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अधिसूचना के कारण आम जनता भ्रमित हुई और प्रशासनिक स्तर पर स्पष्टता नहीं दी गई।
अब सोमवार से फिर पटरी पर लौटेगा काम
विभाग की ओर से स्थिति साफ होने और वकीलों के काम पर लौटने के बाद माना जा रहा है कि सोमवार से पंजीयन कार्यालयों में काम पूरी तरह सामान्य हो जाएगा।
दो दिन तक रजिस्ट्री रुकी रहने से जिन लोगों के दस्तावेज अटके थे, अब उनकी प्रक्रियाएँ भी तेजी से पूरी होंगी।


