शोभना शर्मा। राजस्थान हाईकोर्ट को दो दिन से लगातार बम से उड़ाने की धमकी मिल रही है। बुधवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव होने हैं, और धमकी भरे ईमेलों के आना वकीलों और कर्मचारियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। चर्चा इस बात की भी है कि कहीं यह धमकियां चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश तो नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 31 अक्टूबर और 5 दिसंबर को भी इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं।
छह हफ्तों में पांचवीं बार मिली धमकी
पिछले छह हफ्तों में यह पांचवीं घटना है जब हाईकोर्ट को धमकीभरा मेल प्राप्त हुआ है। 31 अक्टूबर, 5 दिसंबर, 8 दिसंबर और 9 दिसंबर को मिले मेल के बाद मंगलवार को फिर एक नया मेल आया। लगातार मिल रही इन धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन को सतर्क कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि लगातार भेजे जा रहे फर्जी मेल कर्मचारियों और वकीलों में असुरक्षा की भावना बढ़ा रहे हैं।
न्यायिक कार्यवाही पर पड़ा असर
अदालत में बार-बार मिलने वाली धमकियों का सीधा असर न्यायिक कार्यवाही पर पड़ रहा है। मंगलवार को भी धमकी भरे मेल के बाद कोर्ट परिसर को खाली कराना पड़ा, जिससे सुनवाई और दैनिक कार्य बाधित हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे व्यवधान से मामलों के निपटारे में देरी हो रही है, और अदालत की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। सुरक्षा एजेंसियां अब जांच प्रक्रिया को और तेज करने के साथ-साथ तकनीकी निगरानी मजबूत करने की दिशा में काम कर रही हैं।
पुलिस और एजेंसियां अलर्ट मोड पर
मंगलवार को मिले धमकी संदेश के बाद पुलिस, एटीएस, एसओजी, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे की तलाशी में मुख्य भवन से लेकर पार्किंग और रिकॉर्ड रूम तक सघन जांच की गई। हालांकि, कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद इसे “होक्स मेल” यानी झूठी धमकी मानते हुए मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है।
कल मिला था मेल, परिसर खाली कराया गया
धमकी भरे मेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में विस्फोटक लगाए गए हैं। सूचना मिलते ही परिसर को खाली करवाया गया और वकीलों, कर्मचारियों और वादकर्ताओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया। न्यायिक कार्यवाही अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। इस दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत हर हिस्से की जांच की गई।
साइबर सेल को मिली जांच, सख्त सुरक्षा की अपील
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना को तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं। साइबर सेल अब मेल भेजने वालों के आईपी एड्रेस और लोकेशन की तकनीकी जांच कर रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि हाईकोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


