राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने आगामी 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के कार्यक्रम में अहम संशोधन किया है। बोर्ड द्वारा जारी नए निर्देशों में 17 फरवरी को प्रस्तावित कंप्यूटर विज्ञान एवं इन्फॉर्मेटिक्स प्रैक्टिकल परीक्षा और 24 फरवरी को होने वाली चित्रकला (ड्रॉइंग) परीक्षा के समय को बदल दिया गया है। पहले दोनों परीक्षाएं सुबह 8:30 से 11:45 बजे तक आयोजित की जानी थीं, लेकिन अब इन्हें दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक की पाली में आयोजित किया जाएगा। बोर्ड सचिव ने संशोधित कार्यक्रम जारी करते हुए इस परिवर्तन की आधिकारिक पुष्टि की है।
क्यों हुआ समय परिवर्तन: क्षमता से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण
समय परिवर्तन का सबसे बड़ा कारण कई स्कूलों द्वारा परीक्षा केंद्रों पर अपनी वास्तविक क्षमता से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण करना पाया गया है। बोर्ड द्वारा की गई समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि 17 फरवरी को होने वाली कंप्यूटर विज्ञान और इन्फॉर्मेटिक्स परीक्षा के लिए 140 से अधिक स्कूलों में निर्धारित क्षमता से अधिक छात्रों को शामिल किया गया था। वहीं, 24 फरवरी की चित्रकला परीक्षा में 450 से अधिक स्कूलों में ओवरलोड की स्थिति पाई गई।
शिकायतें मिलने पर शिक्षा विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। स्कूलों द्वारा दिए गए आंकड़ों की जांच की गई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि कई संस्थानों ने परीक्षा केंद्रों की बैठने की क्षमता को वास्तविकता से अधिक दर्शाया था। इस कारण परीक्षा केंद्रों पर भीड़ और अव्यवस्था की आशंका बढ़ गई थी। परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की बाधा से बचने के लिए पारी बदलने का निर्णय लिया गया।
बोर्ड सचिव का बयान: व्यवस्थाओं को संतुलित रखने के लिए बदलाव जरूरी
RBSE सचिव ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय आवश्यक था। सुबह की पाली में अधिक भीड़ होने की संभावना के चलते परीक्षाओं को दोपहर में शिफ्ट किया गया है, ताकि परीक्षा केंद्रों पर भीड़ का दबाव कम हो सके और व्यवस्था सुचारु बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि इन परिवर्तनों का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और परीक्षा संचालन की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
दो बड़ी परीक्षाएँ सीधे तौर पर प्रभावित
परिवर्तन से दो प्रमुख परीक्षाएँ प्रभावित होंगी:
कंप्यूटर विज्ञान एवं इन्फॉर्मेटिक्स प्रैक्टिकल परीक्षा – 17 फरवरी
चित्रकला (ड्रॉइंग) परीक्षा – 24 फरवरी
इन दोनों विषयों में सामान्यत: एक ही स्कूल में बड़ी संख्या में विद्यार्थी परीक्षा देते हैं। विशेष रूप से कंप्यूटर लैब की सीमित क्षमता और कला विषय की प्रायोगिक प्रकृति के कारण परीक्षार्थियों की संख्या को संभालना चुनौतीपूर्ण हो रहा था। दोपहर की पाली में परीक्षा कराने से केंद्रों पर भीड़ की स्थिति को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा।
लगभग 20 लाख विद्यार्थी इस वर्ष देंगे बोर्ड परीक्षा
इस वर्ष राजस्थान बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं परीक्षाओं में कुल 19 लाख 86 हजार 422 विद्यार्थी शामिल होंगे। इनमें से 10वीं के 10,68,610 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। वहीं, 12वीं कक्षा, वरिष्ठ उपाध्याय और प्रवेशिका सहित विभिन्न वर्गों में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। आंकड़ों के अनुसार:
12वीं कक्षा के विद्यार्थी: 90,572
वरिष्ठ उपाध्याय: 4,123
प्रवेशिका वर्ग: 7,817
परीक्षाओं के संचालन के लिए पूरे प्रदेश में 6,193 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। बढ़ी हुई संख्या को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रशासनिक सुविधा और अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था को सुनिश्चित करना बोर्ड के लिए प्राथमिकता है।
बीकानेर शिक्षा विभाग ने भी बदला अपना कार्यक्रम
शिकायतों के बाद शासन सचिव को स्थिति की जानकारी दी गई। इसके बाद बीकानेर शिक्षा विभाग ने भी अपनी 24 फरवरी की परीक्षा की तारीख और समय में बदलाव किया, ताकि परीक्षा केंद्रों पर भीड़ और प्रबंधन संबंधी समस्याओं को नियंत्रित किया जा सके। दोनों परीक्षाओं के समय में बदलाव से परीक्षा केंद्रों पर संतुलित व्यवस्था सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
परीक्षार्थियों और स्कूलों को निर्देश
बोर्ड ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन को संशोधित कार्यक्रम को ध्यान से देखने और समय परिवर्तन की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुँचाने के निर्देश दिए हैं। सभी सेंटर सुपरिंटेंडेंट और संबंधित विद्यालयों को नई समय-सारणी के अनुसार व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए गए हैं।


