राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड इस वर्ष परिणाम घोषणा को लेकर नया इतिहास रचने की तैयारी में है। बोर्ड प्रशासन 20 मार्च से पहले 10वीं का रिजल्ट जारी करने की योजना बना रहा है। यदि ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा जब 10वीं का परिणाम 12वीं से पहले घोषित किया जाएगा। साथ ही मार्च माह में रिजल्ट जारी होना भी बोर्ड के इतिहास में एक नई पहल मानी जा रही है।
राज्य सरकार ने एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसी के मद्देनजर बोर्ड प्रशासन ने मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ के अनुसार प्रयास है कि 20 मार्च तक 10वीं का परिणाम घोषित कर दिया जाए, जबकि 12वीं आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स का रिजल्ट भी इसी माह जारी करने की तैयारी है।
इस वर्ष परीक्षा में रिकॉर्ड पंजीकरण
इस साल बोर्ड परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू हुई थीं। कुल 19 लाख 90 हजार 57 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 10वीं के 10 लाख 68 हजार 109 और 12वीं के 9 लाख 10 हजार 9 विद्यार्थी शामिल हैं। वरिष्ठ उपाध्याय और प्रवेशिका परीक्षाओं के लिए भी हजारों विद्यार्थियों ने आवेदन किया।
10वीं की परीक्षाएं 29 फरवरी तक चलीं, जबकि 12वीं की परीक्षाएं 11 मार्च तक जारी रहेंगी। प्रदेशभर में 6 हजार 170 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाओं का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों की भागीदारी को देखते हुए बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया को व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना बनाई है।
मूल्यांकन प्रक्रिया अंतिम चरण में
परीक्षा समाप्त होते ही उत्तर पुस्तिकाओं के संग्रहण और परिवहन का कार्य पूरा कर लिया गया। परीक्षा केंद्रों से कॉपियां सुरक्षित तरीके से कलेक्शन सेंटर भेजी गईं और वहां से बोर्ड कार्यालय तक पहुंचाई गईं। री-पैकिंग और कोड आवंटन की प्रक्रिया के बाद सभी उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकनकर्ताओं तक पहुंच चुकी हैं।
वर्तमान में कॉपी जांच और मार्क्स एंट्री का कार्य जारी है। मूल्यांकनकर्ताओं को लगभग दस दिन का समय दिया गया है और संभावना है कि 8 मार्च तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद विषयवार अंक संकलन, डेटा कंपाइलिंग और अंतिम जांच का काम किया जाएगा। रोल नंबर के आधार पर मार्कशीट तैयार कर अंतिम सत्यापन के बाद परिणाम ऑनलाइन जारी किया जाएगा।
‘बेस्ट ऑफ टू अटेम्प्ट’ से मिलेगा सुधार का अवसर
बोर्ड ने इस वर्ष विद्यार्थियों को अंक सुधार का अवसर भी दिया है। मई-जून में बोर्ड परीक्षाओं का दूसरा सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें छात्र अधिकतम तीन विषयों में अपने अंक सुधारने के लिए पुनः परीक्षा दे सकेंगे। दोनों सत्रों में से जिस परीक्षा में बेहतर अंक आएंगे, वही अंतिम परिणाम में जोड़े जाएंगे।
जो विद्यार्थी पहले चरण की परीक्षा किसी कारणवश नहीं दे पाए हैं, वे वैध मेडिकल प्रमाणपत्र या जिला शिक्षा अधिकारी की अनुमति से दूसरे चरण में शामिल हो सकेंगे। परीक्षा शुल्क में कोई अतिरिक्त वृद्धि नहीं की गई है।
12वीं परिणाम की भी तैयारी
बोर्ड प्रशासन 12वीं के परिणाम को भी मार्च माह में जारी करने की दिशा में काम कर रहा है। मूल्यांकन प्रक्रिया के समानांतर तकनीकी तैयारियां की जा रही हैं ताकि परिणाम घोषित करने में देरी न हो।
इस बार 10वीं के परिणाम को प्राथमिकता देकर बोर्ड न केवल शैक्षणिक कैलेंडर को समय पर लागू करना चाहता है, बल्कि विद्यार्थियों को नए सत्र में प्रवेश प्रक्रिया के लिए पर्याप्त समय भी देना चाहता है। ऐसे में मार्च माह का यह परिणाम राजस्थान के शिक्षा इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।


