मनीषा शर्मा । राजस्थान में राज्यसभा उपचुनाव के लिए भाजपा के प्रत्याशी रवनीत सिंह बिट्टू 21 अगस्त को अपना नामांकन करेंगे। इसके लिए वह जयपुर पहुंच चुके हैं, जहां उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति पर चर्चा की।
राजस्थान की इस राज्यसभा सीट पर उपचुनाव कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल के लोकसभा जाने के कारण हो रहा है। हालांकि, कांग्रेस ने विधानसभा के गणित को देखते हुए अपना उम्मीदवार खड़ा नहीं करने का निर्णय लिया है, जिससे यह सीट भाजपा के खाते में जाना तय माना जा रहा है। भाजपा ने इस सीट के लिए पंजाब के नेता रवनीत सिंह बिट्टू को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं।
रवनीत सिंह बिट्टू को राज्यसभा के लिए चुने जाने का निर्णय अचानक सामने आया, जबकि इसके लिए पहले राजेंद्र सिंह राठौड़ और सतीश पूनिया के नामों पर चर्चा हो रही थी। लेकिन दिल्ली में हुई भाजपा की उच्चस्तरीय बैठक में बिट्टू के नाम पर अंतिम मुहर लगी। बिट्टू, जो पंजाब में एक प्रभावशाली नेता के रूप में जाने जाते हैं, को राज्यसभा के माध्यम से राजस्थान भेजने का उद्देश्य भाजपा की पंजाब और राजस्थान की सियासी स्थिति को मजबूत करना है।
रवनीत सिंह बिट्टू ने 2009, 2014 और 2019 में कांग्रेस के टिकट पर लुधियाना से लोकसभा चुनाव जीते थे। हालांकि, 2024 के चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया और पटियाला सीट से चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके, उन्हें मोदी सरकार में मंत्री पद मिला। अब उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में राजस्थान से संसद भेजा जा रहा है। इससे न केवल राजस्थान बल्कि पंजाब में भी भाजपा को राजनीतिक लाभ मिलने की संभावना है, खासकर गंगानगर और हनुमानगढ़ जैसे इलाकों में।


