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RAS 2024 रिजल्ट घोषित: टॉप-20 में पुरुषों का दबदबा, डॉ. ऐश्वर्या कंवर बनीं वूमेन टॉपर

RAS 2024 रिजल्ट घोषित: टॉप-20 में पुरुषों का दबदबा, डॉ. ऐश्वर्या कंवर बनीं वूमेन टॉपर

राजस्थान की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक परीक्षा RAS  2024 का परिणाम आखिरकार घोषित हो गया है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा शनिवार को जारी इस परिणाम ने न सिर्फ हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य का रास्ता तय किया, बल्कि एक नया ट्रेंड भी सामने रखा। इस बार टॉप-20 मेरिट सूची में पुरुष अभ्यर्थियों का स्पष्ट दबदबा देखने को मिला है, जिसने ‘नारी शक्ति’ की पारंपरिक बढ़त पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस परीक्षा में बाड़मेर के दिनेश बिश्नोई ने पहला स्थान हासिल कर प्रदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। वहीं, टॉप-5 में एक भी महिला अभ्यर्थी का नाम शामिल न होना इस रिजल्ट की सबसे चर्चित बात बन गई है।

RAS 2024 – टॉप-5 में पूरी तरह पुरुषों का कब्जा

RAS 2024 की मेरिट लिस्ट का विश्लेषण करें तो शीर्ष पांच स्थानों पर केवल पुरुष अभ्यर्थियों ने ही कब्जा जमाया है।

  • दिनेश बिश्नोई – प्रथम स्थान
  • वीरेंद्र चारण – द्वितीय स्थान
  • नवनीत शर्मा – तृतीय स्थान
  • रवीन्द्र सिंह – चतुर्थ स्थान
  • विकास सियाग – पंचम स्थान

यह ट्रेंड दर्शाता है कि इस बार परीक्षा के उच्चतम स्तर पर पुरुष अभ्यर्थियों का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा है।

डॉ. ऐश्वर्या कंवर बनीं ‘वूमेन टॉपर’

जब टॉप-5 में महिलाओं का नाम नहीं आया, तब बीकानेर की डॉ. ऐश्वर्या कंवर ने छठी रैंक हासिल कर महिलाओं की ओर से सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। वह इस वर्ष की ‘वूमेन टॉपर’ बनी हैं। इसके अलावा टॉप-20 में केवल तीन अन्य महिलाएं ही अपनी जगह बना सकीं—

  • शालू (8वीं रैंक)
  • तनीशा यादव (19वीं रैंक)
  • वृंदा शेखावत (20वीं रैंक)

इस तरह कुल 20 में से सिर्फ 4 महिलाओं का चयन होना एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

टॉप-20 मेरिट लिस्ट: आंकड़ों में स्पष्ट अंतर

इस बार की टॉप-20 सूची में 16 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं। यानी लगभग 80% स्थान पुरुषों के पास रहे, जबकि महिलाओं का प्रतिनिधित्व सिर्फ 20% तक सीमित रहा। यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं में महिलाओं का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा था।

क्यों पिछड़ गई ‘नारी शक्ति’?

विशेषज्ञों के अनुसार, टॉप-20 स्तर पर महिलाओं की कम संख्या के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं:

  1. प्रतिस्पर्धा का स्तर बढ़ना: इस बार परीक्षा में प्रतिस्पर्धा पहले से ज्यादा कड़ी रही।
  2. स्ट्रेटेजी और ऑप्शनल विषय: पुरुष अभ्यर्थियों ने कुछ विषयों में बेहतर स्कोरिंग रणनीति अपनाई।
  3. इंटरव्यू प्रदर्शन: अंतिम चयन में इंटरव्यू का बड़ा योगदान होता है, जहां अंतर देखने को मिल सकता है।

हालांकि, जानकारों का मानना है कि यह केवल ‘टॉप लेयर’ का ट्रेंड है। कुल 1096 पदों पर अंतिम चयन सूची में महिलाओं की भागीदारी संतुलित रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

1096 पदों के लिए हुई भर्ती

आरएएस 2024 भर्ती कुल 1096 पदों के लिए आयोजित की गई थी। इस प्रक्रिया में 2391 अभ्यर्थियों को वरीयता सूची में शामिल किया गया है। यह संख्या दर्शाती है कि चयन प्रक्रिया काफी व्यापक और प्रतिस्पर्धात्मक रही।

RPSC की तेज कार्यप्रणाली ने चौंकाया

इस बार एक और बड़ी बात सामने आई है— आयोग की कार्यप्रणाली में आई तेजी। 17 अप्रैल 2026 को इंटरव्यू समाप्त हुए और महज 24 घंटे के भीतर 18 अप्रैल को परिणाम घोषित कर दिया गया। यह रिकॉर्ड समय में रिजल्ट जारी करने का उदाहरण है, जिसने अभ्यर्थियों और प्रशासनिक हलकों में सकारात्मक संदेश दिया है।

क्या बदल रहा है ट्रेंड?

आरएएस 2024 का परिणाम यह संकेत देता है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रदर्शन का पैटर्न समय-समय पर बदलता रहता है। जहां पहले महिलाओं का दबदबा लगातार बढ़ रहा था, वहीं इस बार पुरुषों ने टॉप रैंक में बढ़त बनाई है। हालांकि, इसे स्थायी ट्रेंड मानना जल्दबाजी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में फिर से संतुलन देखने को मिल सकता है, क्योंकि महिलाओं की भागीदारी और सफलता दर लगातार बढ़ रही है।

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