मनीषा शर्मा। अजमेर में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को वार्ड संख्या 79 और 76 में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़कों और नालों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले शहर की अधिकांश सड़कों का सुधार कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिससे लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलेंगी।
देवनानी ने बताया कि पिछले एक साल में अजमेर को सुनियोजित तरीके से विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। शहर की पेयजल आपूर्ति को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए गए हैं। अजमेर उत्तर क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल की समस्या रही है, क्योंकि यह क्षेत्र जल आपूर्ति के टेल एंड पर स्थित है। लेकिन अब इसे फ्रंट एंड बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं।
जल आपूर्ति में सुधार के प्रयास
देवनानी ने जानकारी दी कि अजमेर में तीन नए जल रिजर्वायर बनाने के लिए 270 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा भूमि आवंटन भी किया गया है। बीसलपुर बांध पर निर्भरता कम करने के लिए पहली बार फॉयसागर झील का पानी पेयजल के रूप में उपयोग किया जाएगा। यहां से प्रतिदिन 4.5 एमएलडी पानी लेने के लिए एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
उन्होंने कहा कि अजमेर के पारंपरिक जल स्रोतों, जैसे कि 22 बावड़ियों का पुनरुद्धार किया जाएगा। इन जल स्रोतों से पानी को फिल्टर प्लांट तक पहुंचाने की योजना है। इसके अलावा, बीसलपुर बांध से पानी की आवक बढ़ाने के लिए एक इंटेक वेल का निर्माण भी किया जाएगा। फॉयसागर को हमेशा पानी से भरे रखने के लिए ईआरसीपी परियोजना के तहत इसे जोड़ा जाएगा। साथ ही, जलदाय विभाग के पम्पिंग स्टेशनों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए अतिरिक्त फीडर से जोड़ा जाएगा, जिससे जलापूर्ति में बाधा न आए।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
अजमेर की पहचान शिक्षा नगरी के रूप में बनी रहे, इसके लिए भी कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने बताया कि भारतीय तकनीकी संस्थान (आईआईटी) की तर्ज पर अजमेर में रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरआईटी) के रूप में एक इंजीनियरिंग कॉलेज का चयन किया गया है। इसके अलावा, आयुर्वेद विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी जारी है।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सुधार के लिए, वर्तमान टीबी अस्पताल भवन में एक सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, कोटड़ा में भी एक सैटेलाइट चिकित्सालय स्थापित किया जाएगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाएं
पर्यटन के क्षेत्र में अजमेर को विकसित करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। देवनानी ने बताया कि अजमेर के अजयसर क्षेत्र में लेपर्ड सफारी विकसित की जाएगी, जिससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इस सफारी तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए चामुंडा माता मंदिर तक एक रोपवे बनाया जाएगा। इसके अलावा, अजमेर में एक म्यूजियम की स्थापना भी की जाएगी, जिससे शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को बढ़ावा मिलेगा।
यातायात को पर्यावरण हितैषी बनाने के लिए अजमेर में 50 इलेक्ट्रिक बसों को चलाने की योजना भी बनाई गई है, जिससे प्रदूषण कम होगा और शहर का यातायात और अधिक सुविधाजनक बनेगा। खेल और एथलेटिक्स को बढ़ावा देने के लिए एथलेटिक एकेडमी और स्पोर्ट्स कॉलेज की भी स्थापना की जाएगी, जिससे खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिल सकें।
रोजगार के अवसर और बुनियादी ढांचे का विकास
रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए आईटी पार्क की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए भूमि आवंटन किया जा चुका है। इसके अलावा, अजमेर में एक नया रोडवेज बस स्टैंड भी बनाया जाएगा, जिसकी लागत लगभग 40 करोड़ रुपये होगी। यह नया बस स्टैंड शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा।
वासुदेव देवनानी ने कहा कि अजमेर में किए जा रहे ये सभी विकास कार्य शहर को एक नए आयाम तक पहुंचाएंगे। बुनियादी सुविधाओं, जैसे कि सड़कों, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में किए जा रहे सुधार कार्यों से अजमेर के लोगों को बेहतर जीवन स्तर मिलेगा। उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले अधिकांश सड़कों का सुधार कार्य पूरा हो जाएगा और शहर में विकास की रफ्तार और तेज होगी।