राजस्थान का स्वर्णिम शहर: जैसलमेर – सोनार किला, रेत के टीले, और रहस्यमय कुलधरा

सोने सा चमकता सुनहरा शहर: जैसलमेर, जिसे आप और हम स्वर्णनगरी, गोल्ड़न सिटी या फिर जैसलमेर के नाम से जानते हैं, पर्यटन मानचित्र पर अपनी अमिट पहचान बना चुका है। रेत के समंदर से घिरे इस शहर में पीले बलुआ पत्थर (जो स्वर्ण ईट सा प्रतीत होता है) से बना सोनार किला, हवेलियां, छतरिया व बंगलिया हर किसी को आकर्षित करते हैं। मूल महेंद्रा की प्रेम कथा हो या फिर यहां की ढाई शाके की सच्ची कहानी, सब कुछ इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से दर्ज किया गया है। आइए आज जानते हैं जैसलमेर की इन खूबसूरत जगहों के बारे में…
1. सोनार किला:
यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल
विश्व का एक मात्र लिविंग फोर्ट
5 हजार के करीब लोग आज भी इस किले में रहते हैं
1156 में महारावल जैसल सिंह द्वारा निर्मित
त्रिकूटगढ़ भी कहा जाता है
99 बुर्ज वाले दुर्ग की आकृति ‘त्रिकूटाकृति’ है
1974 में बनी सत्यजीत रे की फिल्म ‘सोनार किला’ से विश्वस्तर पर पहचान
चार प्रोलों (द्वार) से होकर प्रवेश
फोर्ट पैलेस म्यूजियम,जैन मंदिर, बा री हवेली, लक्ष्मीनाथ मंदिर और कैनन पॉइंट्स से सिटी का व्यू
2. गड़ीसर लेक:
13वीं शताब्दी में महारावल गड़सी सिंह द्वारा निर्मित
पक्षियों के कलरव और शांत वातावरण में सूर्योदय का मनोरम दृश्य
सर्दियों में कोहरे से घिरी झील कश्मीर की डल झील जैसी प्रतीत होती है
3. पटवा हवेली:
5 हवेलियों का समूह
1805 में गुमान चंद पटवा द्वारा निर्माण शुरू
बनने में 60 वर्ष का समय लगा
विश्व पर्यटन मानचित्र में विशेष पहचान
समृद्ध जीवन शैली का चित्रण
आकर्षक और जटिल नक्काशी
झरोखो में फोटोग्राफी का आनंद
4. सम सेंड ड्यूंस:
मखमली धोरों से रोमांचक अनुभव
रेत के टीलों के बीच खुले आसमान में शानदार सनसेंट
कैमल सफारी,जीप सफारी, पैरासेलिंग, पैराग्लाइडिंग, डेज़र्ट मोटरबाइक राइड
चांदनी रात में कालबेरिया नृत्य, लोक संगीत और ट्रेडिशनल फ़ूड का आनंद
5. कुलधरा:
रहस्यमय वीरान गांव
85 साल के वृद्ध द्वारा रखवाली
पालीवाल समाज के 84 गांव एक ही रात में वीरान
दीवान सालम सिंह के अत्याचारों से त्रस्त
श्रापित गांव या भूतिया गांव भी कहा जाता है
सुबह पर्यटकों से भरा, रात में सन्नाटा
सरस्वती नदी के किनारे बसााया गया था
पालीवाल ब्राह्मण समाज के लोगों द्वारा निर्मित
16 किलोमीटर दूर स्थि
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