शोभना शर्मा। राजस्थान अब फिल्म शूटिंग के लिए देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025 को लागू कर दिया है, जिसके तहत फिल्म, वेब सीरीज, टीवी सीरियल और डॉक्यूमेंट्री बनाने वालों को आकर्षक सब्सिडी और प्रशासनिक सुविधाएं दी जाएंगी। इस नीति का उद्देश्य राजस्थान को एक बड़े फिल्म हब के रूप में विकसित करना, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और राज्य की समृद्ध संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री का विजन: फिल्म हब बनेगा राजस्थान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नीति जारी करते हुए कहा कि राजस्थान के पास रेगिस्तान, ऐतिहासिक किले, महल, हवेलियां और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर स्थल हैं, जो किसी भी फिल्म के लिए आदर्श पृष्ठभूमि प्रदान करते हैं। यह नीति राज्य में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देकर पर्यटन, संस्कृति और रोजगार तीनों क्षेत्रों को मजबूती देगी। फिल्मों के माध्यम से राजस्थान की लोक संस्कृति, परंपराएं और विरासत देश-विदेश तक पहुंचेगी।
फिल्म निर्माताओं के लिए आसान प्रक्रियाएं
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया कि इस नीति के तहत केवल आर्थिक सब्सिडी ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी बेहद सरल बनाया गया है। शूटिंग की अनुमति, लोकेशन अप्रूवल और अन्य सरकारी औपचारिकताओं को तेज़ और पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि फिल्म निर्माता बिना किसी अड़चन के अपना प्रोजेक्ट पूरा कर सकें।
30 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान
राजस्थान फिल्म नीति 2025 के तहत फीचर फिल्म, वेब सीरीज, टीवी सीरियल और डॉक्यूमेंट्री पर किए गए खर्च का 30 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है।
फीचर फिल्म के लिए अधिकतम 3 करोड़ रुपये
वेब सीरीज के लिए 2 करोड़ रुपये
टीवी सीरियल के लिए 1.5 करोड़ रुपये
डॉक्यूमेंट्री के लिए 2 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी
हालांकि, सब्सिडी पाने के लिए यह शर्त रखी गई है कि फीचर फिल्म पर कम से कम 2 करोड़ रुपये और अन्य श्रेणियों में कम से कम 1 करोड़ रुपये का खर्च राजस्थान में किया जाए।
स्क्रीन टाइम और शूटिंग दिनों पर अतिरिक्त लाभ
यदि किसी फिल्म में राजस्थान के लोकेशन को 5 से 15 प्रतिशत स्क्रीन टाइम मिलता है तो 10 प्रतिशत सब्सिडी, 16 से 30 प्रतिशत स्क्रीन टाइम पर 20 प्रतिशत और 30 प्रतिशत से अधिक स्क्रीन टाइम पर 30 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी।
इसके अलावा यदि किसी फिल्म के कुल शूटिंग दिनों का 50 प्रतिशत राजस्थान में होता है, तो 30 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। पूरी फिल्म राजस्थान में शूट करने पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी भी दी जाएगी।
सरकारी लोकेशन पर मुफ्त शूटिंग सुविधा
राज्य और केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली लोकेशनों पर शूटिंग करने पर पहले 5 दिनों तक ली गई शूटिंग फीस का 100 प्रतिशत रिफंड दिया जाएगा। इससे फिल्म निर्माताओं को ऐतिहासिक किलों, महलों और सरकारी परिसरों में कम लागत पर शूटिंग का मौका मिलेगा।
अवॉर्ड जीतने वाली फिल्मों को अतिरिक्त प्रोत्साहन
यदि किसी फिल्म को अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिलता है, तो उसे 1 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली फिल्मों को 50 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। इससे गुणवत्ता आधारित फिल्मों को बढ़ावा मिलेगा।
राजस्थान के युवाओं के लिए छात्रवृत्ति योजना
नीति में राज्य के युवाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। राजस्थान के छात्रों को पुणे स्थित FTII, कोलकाता के SRFTI और दिल्ली के NSD जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी। हर साल 10 छात्रों को 50 हजार रुपये तक की ट्यूशन फीस और 5 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड मिलेगा।
वन-स्टॉप पोर्टल और लोकेशन डायरेक्टरी
पर्यटन विभाग शूटिंग लोकेशन की एक विस्तृत डायरेक्टरी तैयार करेगा, जिसमें राज्य के सभी प्रमुख शूटिंग स्थलों की जानकारी होगी। इसके साथ ही एक ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा, जहां कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य प्रोफेशनल्स का डेटा उपलब्ध रहेगा। यह पोर्टल फिल्म निर्माताओं के लिए वन-स्टॉप सॉल्यूशन की तरह काम करेगा।
रिलीज और क्रेडिट के नियम
सब्सिडी पाने वाली हिंदी फिल्मों को कम से कम 200 स्क्रीन, राजस्थानी फिल्मों को 25 स्क्रीन और अन्य भाषाओं की फिल्मों को 100 स्क्रीन पर रिलीज करना अनिवार्य होगा। साथ ही हर सब्सिडी प्राप्त फिल्म में राजस्थान सरकार और पर्यटन विभाग को क्रेडिट देना जरूरी होगा।


