मनीषा शर्मा। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने अपनी सख़्त कार्यप्रणाली का परिचय देते हुए लेक्चरर भर्ती परीक्षा में ग़लत आवेदन करने वाले तीन अभ्यर्थियों को डिबार कर दिया है। इन अभ्यर्थियों को अब भविष्य में आयोग द्वारा आयोजित किसी भी परीक्षा में शामिल होने का अवसर नहीं मिलेगा। वहीं, कई पदों पर बार-बार आवेदन करने और दस्तावेज सत्यापन में उपस्थित न होने वाले 16 अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया गया है।
मामला कहाँ से जुड़ा है?
यह पूरा मामला RPSC द्वारा आयोजित आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी (आयुष) विभाग की लेक्चरर भर्ती से संबंधित है। इस भर्ती के लिए आयोग ने कुल नौ पदों पर आवेदन आमंत्रित किए थे। फरवरी 2025 में जारी अधिसूचना के बाद 21 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए गए। इस भर्ती में करीब 700 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे।
डिबार हुए तीन अभ्यर्थी
आयोग ने बताया कि जिन तीन अभ्यर्थियों को डिबार किया गया है, उन्होंने बिना वांछित योग्यता के आवेदन किया था। दस्तावेज सत्यापन के दौरान यह तथ्य सामने आने के बाद आयोग ने कठोर निर्णय लेते हुए इन्हें भविष्य की सभी परीक्षाओं से बाहर कर दिया। यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि RPSC पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि गलत आवेदन करने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
16 अभ्यर्थी हुए अनुपस्थित
दूसरी ओर, आयोग ने ऐसे 16 अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया है जिन्होंने एक ही भर्ती के तहत कई बार आवेदन किया और दस्तावेज सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं हुए। इन उम्मीदवारों को 29 सितंबर 2025 को सुबह 9 बजे आयोग कार्यालय में अपने सभी मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन ये निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं हुए।
इनमें से कई अभ्यर्थियों ने दो से लेकर आठ बार तक आवेदन किए थे। उदाहरण के तौर पर, रणवीर मंडा ने आठ आवेदन किए, भूपेंद्र ने पाँच, सुनील कुमार मीना ने पाँच और रितेश ने तीन आवेदन किए थे। जतिन धीमान, गोवर्धन खटीक और संजय ने दो-दो आवेदन किए। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अनुपस्थित रहने वाले इन उम्मीदवारों के सभी आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे और उन पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई
आयोग ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि अनुपस्थित रहने वाले और गलत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 217 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसका अर्थ है कि केवल आवेदन निरस्त करने या परीक्षा से डिबार करने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कानूनी प्रक्रिया भी चलाई जाएगी।
परीक्षा आयोजन की तैयारी
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि लेक्चरर भर्ती परीक्षा का आयोजन 11 से 15 जनवरी 2026 के बीच प्रस्तावित है। नौ पदों के लिए लगभग 700 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से योग्य अभ्यर्थियों को ही परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा।
आयोग का सख़्त संदेश
RPSC के इस कदम ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। योग्यता नहीं रखने वाले या नियम विरुद्ध आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को भविष्य में अवसर नहीं मिलेगा। यह संदेश उन सभी उम्मीदवारों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो आने वाली RPSC भर्तियों में आवेदन करने वाले हैं।


