जयपुर के एक प्रतिष्ठित होटल में आयोजित राजस्थान रॉयल्स के विशेष इवेंट में टीम के कोच कुमार संगकारा ने आधुनिक क्रिकेट के बदलते स्वरूप और खिलाड़ियों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। इस कार्यक्रम में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी , स्पिनर रवि बिश्नोई और तेज गेंदबाज संदीप शर्मा भी मौजूद रहे। इस आयोजन के दौरान यूरोप की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी HMD ग्लोबल ने राजस्थान रॉयल्स के साथ अपनी साझेदारी को औपचारिक रूप से पेश किया। कार्यक्रम में एक प्रतीकात्मक लॉन्च मैच भी आयोजित किया गया, जिसमें खिलाड़ियों ने हल्के-फुल्के अंदाज में बल्लेबाजी और गेंदबाजी का प्रदर्शन किया।
खिलाड़ियों पर बढ़ता दबाव और सोशल मीडिया का असर
कोच कुमार संगकारा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज के दौर में खिलाड़ियों पर पहले की तुलना में कहीं अधिक दबाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब वे खुद क्रिकेट खेलते थे, तब सोशल मीडिया का इतना प्रभाव नहीं था। लेकिन वर्तमान समय में खिलाड़ी केवल मैदान पर प्रदर्शन करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें अपने प्रदर्शन के साथ-साथ सोशल मीडिया, फैंस की अपेक्षाओं और देश की उम्मीदों का भी सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आज का खिलाड़ी फ्रेंचाइजी के लिए ही नहीं, बल्कि अपने परिवार, समर्थकों और पूरे देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी महसूस करता है। यह दबाव कई बार मानसिक स्तर पर चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए टीम मैनेजमेंट की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
2008 से अलग सोच के साथ आगे बढ़ती टीम
संगकारा ने राजस्थान रॉयल्स की कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह टीम हमेशा से नवाचार और अलग सोच के लिए जानी जाती रही है। वर्ष 2008 से ही फ्रेंचाइजी ने पारंपरिक क्रिकेट सोच से हटकर काम करने की कोशिश की है।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में टीम ने डेटा एनालिटिक्स और रणनीतिक विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया है। इससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर तरीके से समझने और टीम की रणनीति को मजबूत करने में मदद मिली है। संगकारा के अनुसार, आधुनिक क्रिकेट में केवल कौशल ही नहीं, बल्कि डेटा आधारित निर्णय भी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
खिलाड़ी और कोच की भूमिका में अंतर
कोच की भूमिका पर बात करते हुए संगकारा ने कहा कि एक खिलाड़ी के रूप में काम करना अपेक्षाकृत आसान होता है। खिलाड़ी को केवल अभ्यास करना होता है, मैच खेलना होता है और अपनी भूमिका निभानी होती है। लेकिन कोच के रूप में जिम्मेदारी कहीं अधिक व्यापक होती है। कोच को न केवल रणनीति बनानी होती है, बल्कि खिलाड़ियों के साथ संबंध भी मजबूत रखने होते हैं। उन्होंने कहा कि वे अभी कोचिंग में अपेक्षाकृत नए हैं, लेकिन लगातार सीखने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।
संगकारा ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के साथ विश्वास और संवाद बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। यदि खिलाड़ी को यह भरोसा हो कि टीम मैनेजमेंट उसके साथ खड़ा है, तो वह मैदान पर बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
मानसिक मजबूती पर जोर
संगकारा ने यह भी स्पष्ट किया कि कोच का काम खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डालना नहीं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि टीम में एक सकारात्मक वातावरण होना चाहिए, जहां खिलाड़ी खुलकर अपनी बात रख सकें और एक-दूसरे की परिस्थितियों को समझ सकें। उनके अनुसार, क्रिकेट में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक हैं, लेकिन यदि खिलाड़ी मानसिक रूप से मजबूत हों, तो वे इन चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकते हैं।
युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास
इवेंट के दौरान युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने आत्मविश्वास भरे अंदाज से सभी का ध्यान आकर्षित किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि उनकी हर गेंद बाउंड्री तक जाएगी, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अभी तक तो गेंद बाउंड्री तक ही जा रही है। उनका यह जवाब न केवल उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है, बल्कि टीम के युवा खिलाड़ियों में मौजूद सकारात्मक ऊर्जा को भी दिखाता है।
गेंदबाजों ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम में जब संदीप शर्मा से सबसे कठिन गेंदबाज के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मिचेल स्टार्क को सबसे खतरनाक बताया। वहीं रवि बिश्नोई ने भी स्टार्क को बेहद मुश्किल गेंदबाज माना और साथ ही जसप्रीत बुमराह का नाम भी लिया। यह बयान दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कितनी कड़ी है और खिलाड़ी एक-दूसरे की क्षमता का कितना सम्मान करते हैं।
एचएमडी ग्लोबल की साझेदारी पर बयान
कार्यक्रम में एचएमडी इंडिया और एपीएसी के वरिष्ठ अधिकारी रवि कुमार ने राजस्थान रॉयल्स के साथ साझेदारी को लेकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि टीम के साथ जुड़ना उनके लिए घर वापसी जैसा अनुभव है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार कंपनी टीम के साथ एसोसिएट स्पॉन्सर के रूप में जुड़ी है और भविष्य में इस साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।


