मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोमवार को एक निजी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्य सरकार की कार्यशैली और प्रशासनिक रवैये पर तीखा हमला बोला। खास बात यह रही कि जहाँ उन्होंने सरकार पर जमकर निशाना साधा, वहीं भजनलाल कैबिनेट के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म की तारीफ भी की। कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री बेढ़म भी उपस्थित थे।
जूली ने कहा कि डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ऐसे नेता हैं, जो नकली खाद और नकली बीज का कारोबार करने वालों को पकड़ते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद उन लोगों को छोड़ देते हैं। यह बयान उन्होंने बेढ़म के सामने दिया, जिससे यह और भी ज्यादा चर्चा में आ गया।
एसआईआर नीति पर बड़ा आरोप: गरीबों के वोट काटने की साजिश
जूली ने एसआईआर को संविधान पर हमला बताते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर गरीब, असहाय और घुमंतू परिवारों के वोट काट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को डर है कि राजस्थान में भी अंता जैसा माहौल न बन जाए, जहाँ बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा।
जूली के अनुसार, एसआईआर के सहारे गरीबों के वोट हटाए जा रहे हैं, जबकि बड़े नेता कई राज्यों में वोट डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह बिहार में 80 लाख वोट काटे गए, उसी तरह राजस्थान में भी वोटर लिस्ट से नाम हटाने की तैयारी चल रही है, ताकि चुनावी परिणाम प्रभावित हों।
क्राइम मामलों पर सरकार घेराबंदी
प्रदेश में अपराध बढ़ने के मुद्दे पर भी जूली ने सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा कि अपराध मामलों में अलवर पहले और भरतपुर दूसरे स्थान पर है, लेकिन सरकार पूरे प्रदेश के आंकड़े दिखाकर क्राइम कम होने का दावा करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में आम आदमी तो दूर, तहसीलदार और एसडीएम भी एफआईआर दर्ज नहीं करा पा रहे हैं। उनकी सरकार के समय कोई भी व्यक्ति आसानी से मुकदमा दर्ज करा सकता था, लेकिन अब कार्यशैली पूरी तरह बदल चुकी है।
अंता उपचुनाव को बताया ‘सेमीफाइनल में हार’
अंता उपचुनाव के नतीजों पर जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद कहकर आए थे कि यह सेमीफाइनल है और सरकार के दो साल का रिजल्ट होगा। लेकिन परिणाम बीजेपी के खिलाफ गया। जूली ने तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार ने बिहार की तरह प्लानिंग की होती, तो कांग्रेस अंता उपचुनाव में नहीं जीत पाती।
ईआरसीपी पर ठप काम और उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप
ईआरसीपी को लेकर जूली ने कहा कि प्रदेश में कोई काम नहीं हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अलवर आकर ईआरसीपी का पानी लाने का वादा किया था, लेकिन अभी तक एक इंच पाइप भी नहीं लगाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए अडाणी और अंबानी समूह से जुड़े ठेके दे रही है। मेघा इंटरप्राइजेज को भी वही टेंडर दिया गया है, जिसने बीजेपी को इलेक्टोरल बॉन्ड दिए थे। उनका कहना है कि समय आने पर कई बड़े खुलासे होंगे।
सिलीसेड़ पानी परियोजना और ग्रामीणों के मुद्दे पर तंज
सिलीसेढ़ परियोजना पर जूली ने कहा कि यह पूरे अलवर का हक है और इसके लिए बजट पहले ही स्वीकृत हो चुका है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस मसले को राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहते हैं, जबकि शहर के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 150 से ज्यादा बोरिंग पहले से ही लगे हुए हैं।
डोटासरा के साथ अनबन की अफवाहों को किया खारिज
अंत में जूली ने कहा कि बीजेपी नेता अनर्गल बयान देकर उन्हें और गोविंद सिंह डोटासरा को आपस में लड़ाने की कोशिश करते हैं, लेकिन वे दोनों एकजुट हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष वही बनेगा, जिसे हाईकमान तय करेगा।


