शोभना शर्मा। राजस्थान में रविवार को आयोजित हुई पटवारी भर्ती परीक्षा 2025 से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है। परीक्षा की पहली पारी में धौलपुर और उदयपुर जिलों से डमी उम्मीदवारों का मामला उजागर हुआ है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) आलोक राज ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दोनों अभ्यर्थियों की जानकारी मिसमैच पाई गई। इस संदर्भ में पूरी जानकारी जांच एजेंसियों को सौंप दी गई है, ताकि मामले की गहन पड़ताल हो सके।
पटवारी भर्ती परीक्षा 2025 : डमी परीक्षा का मामला
जांच में सामने आया है कि जिन दो अभ्यर्थियों की जानकारी में गड़बड़ी पाई गई, उन्होंने पूर्व में किसी और उम्मीदवार की जगह परीक्षा दी थी। परीक्षा में शामिल होने वाले इन दोनों अभ्यर्थियों के बायोमैट्रिक और दस्तावेज़ों की मिलान प्रक्रिया के दौरान यह संदेह पुख्ता हुआ। बोर्ड का कहना है कि परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे, इसके लिए मामले को गंभीरता से लिया गया है।
पहली पारी में उपस्थिति रही 88.24%
कर्मचारी चयन बोर्ड के अनुसार, परीक्षा की पहली पारी में कुल 3 लाख 38 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 88.24% अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। यह उपस्थिति दर कई पिछली भर्ती परीक्षाओं की तुलना में अधिक मानी जा रही है। बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर इस उपस्थिति की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा शांतिपूर्वक और व्यवस्थित रूप से पूरी करवाई गई।
अभ्यर्थियों के मुताबिक पेपर आसान
परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने बताया कि पहली पारी का पेपर अपेक्षाकृत आसान रहा। करंट अफेयर्स, सामान्य ज्ञान और गणित जैसे विषयों को उम्मीदवारों ने औसत से आसान स्तर का बताया। हालांकि, रीजनिंग का हिस्सा कुछ कठिन रहा, लेकिन समग्र रूप से अधिकांश प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों को सरल लगा। अभ्यर्थियों का मानना है कि प्रश्नपत्र आसान रहने के कारण इस बार कटऑफ पिछली परीक्षाओं की तुलना में अधिक रह सकती है।
3705 पदों पर भर्ती
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड इस भर्ती परीक्षा के माध्यम से 3705 पटवारी पदों को भरने की प्रक्रिया चला रहा है। इस परीक्षा का आयोजन प्रदेश के 38 जिलों में किया जा रहा है। इसके लिए कुल 1030 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
जयपुर में सर्वाधिक परीक्षा केंद्र
परीक्षा के लिए कुल 6 लाख 76 हजार अभ्यर्थियों ने पंजीकरण करवाया था। इनमें से केवल जयपुर जिले में ही सर्वाधिक 176 परीक्षा केंद्र बनाए गए, जहां करीब 1 लाख 33 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।
पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर
बोर्ड ने साफ किया है कि परीक्षा की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए हर स्तर पर सख्ती बरती जा रही है। डमी उम्मीदवारों का मामला सामने आने के बाद जांच एजेंसियों को सौंपना भी इसी का हिस्सा है।
संभावित कटऑफ और आगे की प्रक्रिया
परीक्षा में अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या में भागीदारी और प्रश्नपत्र की आसान प्रकृति को देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार कटऑफ ज्यादा जा सकती है। बोर्ड ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया है कि किसी भी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


