मनीषा शर्मा। राजस्थान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी असर डालने वाला फैसला लिया है। राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में अब विद्यार्थियों के लिए रोजाना अखबार पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से 31 दिसंबर को जारी आदेश के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों में समसामयिक विषयों की समझ विकसित करना, पढ़ने की आदत को मजबूत करना और भाषा एवं अभिव्यक्ति कौशल को बेहतर बनाना है।
सरकार का मानना है कि डिजिटल युग में जहां बच्चे मोबाइल और सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने लगे हैं, वहीं अखबार पढ़ने की आदत उन्हें वास्तविक घटनाओं, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मामलों और समाज से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक बनाएगी। साथ ही, यह पहल उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करेगी।
प्रार्थना सभा में होगा अखबार का वाचन
आदेश के अनुसार, राज्य के सभी राजकीय विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान रोज 10 मिनट अखबार पढ़ने और सुनाने की गतिविधि कराई जाएगी। इस दौरान प्रमुख राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और खेल से जुड़े महत्वपूर्ण समाचार, संपादकीय लेख और प्रमुख घटनाक्रम विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किए जाएंगे।
इस प्रक्रिया में शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वे केवल सुनने ही नहीं, बल्कि पढ़ने और समझने की आदत भी विकसित करें।
रोजाना सीखेंगे 5 नए शब्द
भाषा कौशल को सुदृढ़ करने के लिए आदेश में एक और खास प्रावधान जोड़ा गया है। हर दिन छात्रों को कम से कम पांच नए शब्दों से रूबरू कराया जाएगा। इन शब्दों का अर्थ, प्रयोग और सही उच्चारण भी समझाया जाएगा।
इसके लिए कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को बारी-बारी से जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि उनमें आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल भी विकसित हो सके।
स्कूलों में अनिवार्य होंगे हिंदी और अंग्रेजी अखबार
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कम से कम दो अखबार — एक हिंदी और एक अंग्रेजी — अनिवार्य रूप से मंगाए जाएं।
इसी तरह, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में हिंदी भाषा के दो अखबार रखे जाएंगे। अंग्रेजी माध्यम सरकारी स्कूलों में भी कम से कम दो अखबार — एक अंग्रेजी और एक हिंदी — उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया गया है।
प्रार्थना सभा के दौरान एक हिंदी और एक अंग्रेजी राष्ट्रीय स्तर के अखबार का वाचन कराया जाएगा, ताकि छात्र दोनों भाषाओं में सामग्री समझने का प्रयास करें।
शिक्षा विभाग को उम्मीद — बढ़ेगा सामान्य ज्ञान और अभिव्यक्ति
शिक्षा विभाग का कहना है कि इस पहल से छात्रों में समाचारों के प्रति रुचि बढ़ेगी, उनका सामान्य ज्ञान समृद्ध होगा और वे देश-दुनिया की घटनाओं से लगातार जुड़े रहेंगे। साथ ही, अखबार पढ़ने से उनकी लेखन क्षमता, शब्दावली और अभिव्यक्ति में सुधार होगा, जो प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य के करियर में उनके लिए उपयोगी साबित होगा।


