मनीषा शर्मा। राजस्थान सरकार ने राज्य में शुरू हो रही जनगणना 2025 की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। अधिसूचना में साफ कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति जनगणना का कार्य करने से मना करता है या इसे बाधित करने का प्रयास करता है, तो उस पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, ऐसी स्थिति में तीन वर्ष तक की सजा का भी प्रावधान है।
सरकार का कहना है कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसके सुचारू संचालन के लिए नागरिकों का सहयोग अनिवार्य है।
संभाग से जिले तक अधिकारियों की नियुक्ति
अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने राज्यभर में जनगणना से जुड़े अधिकारियों की नियुक्तियों को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है।
संभागीय आयुक्त को संभागीय जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जिला कलेक्टर जिले के प्रमुख जनगणना अधिकारी बनाए गए हैं।
नगर निगम आयुक्त को निगम सीमा का प्रमुख जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADC) जिला जनगणना अधिकारी की भूमिका निभाएंगे।
जिला सांख्यिकी कार्यालय के संयुक्त/उप निदेशक को उप जिला जनगणना अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
इन नियुक्तियों का उद्देश्य जनगणना कार्य को प्रशासनिक रूप से मजबूत करना और हर स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करना है।
उपखंड, तहसील और नगरपालिका स्तर पर भी बढ़ी जिम्मेदारियां
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य केवल जिला स्तर पर सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उपखंड और तहसील स्तर पर भी अधिकारियों को ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
उपखंड अधिकारी (SDM) उपखंड जनगणना अधिकारी होंगे।
तहसीलदार को चार्ज जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है।
नायब तहसीलदार को अतिरिक्त चार्ज जनगणना अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त या नगर परिषद आयुक्त नगर जनगणना अधिकारी होंगे।
जोन उपायुक्त, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी, और राजस्व अधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में जनगणना अधिकारी के रूप में काम करेंगे।
महत्वपूर्ण बात यह है कि राज्य सरकार ने सभी अधिकारियों को यह अधिकार दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर वे अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति भी कर सकें।
2025 की जनगणना: डिजिटल और दो चरणों में होगी प्रक्रिया
भारत की यह 16वीं जनगणना होगी। यह प्रक्रिया 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण टाल दी गई। अब इसे 2025 में आयोजित किया जा रहा है। अधिसूचना जून 2025 में जारी की गई और इसके बाद जनगणना का कार्य दो चरणों में पूरा होगा:
2025–2026: डेटा संग्रहण का चरण
मार्च 2027: आधिकारिक गणना और रिपोर्ट तैयार होने की समयसीमा
इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है। इसमें जनसंख्या के साथ-साथ जाति आधारित डेटा तथा सामाजिक-आर्थिक जानकारी भी एकत्र की जाएगी।
सरकार ने सहयोग की अपील की
राजस्थान सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में पूरी सहभागिता दें। यह प्रक्रिया राज्य के विकास, योजनाओं के निर्माण और संसाधनों के उचित वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सरकार ने दोहराया कि बाधा डालने या इंकार करने पर कठोर कार्रवाई तय है।


