मनीषा शर्मा। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए। इनमें सबसे अहम फैसला सरकारी मेडिकल कॉलेजों में NRI कोटे की फीस को घटाने का रहा। अब तक यह फीस 31 लाख रुपए थी, जिसे घटाकर 23 लाख 93 हजार रुपए कर दिया गया है। इस फैसले से छात्रों और उनके अभिभावकों को लगभग 7 लाख रुपए का सीधा लाभ होगा।
गौरतलब है कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में NRI कोटे की फीस 24 लाख रुपए तय थी, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में यह उससे ज्यादा थी। इस असमानता को खत्म करने और सरकारी संस्थानों को ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए कैबिनेट ने यह कदम उठाया है। इस फैसले से अधिक संख्या में विद्यार्थी सरकारी मेडिकल कॉलेजों को प्राथमिकता देंगे और उन्हें सस्ती शिक्षा का अवसर मिल सकेगा।
कर्मचारियों के माता-पिता के लिए बड़ी राहत: पेंशन में 20% बढ़ोतरी
बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सरकार ने मृत कर्मचारियों के माता-पिता को मिलने वाली पेंशन को बढ़ा दिया है। पहले तक नियमों के अनुसार कर्मचारी की मृत्यु पर माता-पिता को केवल 30% पेंशन मिलती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 50% कर दिया गया है।
इसके लिए सिविल सेवा नियम 62 (3) को विलोपित किया गया। इससे हजारों परिवारों को राहत मिलेगी, खासकर उन परिवारों को जहां माता-पिता पूरी तरह से दिवंगत कर्मचारी पर निर्भर थे।
इसके अलावा कैबिनेट ने यह भी मंजूरी दी कि यदि किसी कर्मचारी के मानसिक रूप से विमंदित या नि:शक्त बच्चे हैं, तो उन्हें शादी के बाद भी पारिवारिक पेंशन मिलती रहेगी। पहले यह सुविधा शादी के बाद समाप्त हो जाती थी। पेंशन की सीमा भी 8,550 रुपए से बढ़ाकर 13,750 रुपए कर दी गई है। इस फैसले से दिव्यांग बच्चों को जीवनभर आर्थिक सुरक्षा का सहारा मिलेगा।
जयपुर में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना
बैठक में शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया गया। जयपुर में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना को मंजूरी दी गई। बजट घोषणा के तहत बनी यह यूनिवर्सिटी देश में अपनी तरह की पहली यूनिवर्सिटी होगी, जहां खेल विज्ञान, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस रिसर्च पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने जानकारी दी कि आने वाले विधानसभा सत्र में इस यूनिवर्सिटी का विधेयक सदन में पेश किया जाएगा। इस संस्थान के जरिए खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण मिलेगा, खेलों में शोध कार्य को बढ़ावा मिलेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन सुधारने की दिशा में यह बड़ा कदम साबित होगा।
5200 मेगावॉट क्षमता के सोलर प्रोजेक्ट को मंजूरी
ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए भी कैबिनेट ने ऐतिहासिक फैसला लिया। 5200 मेगावॉट क्षमता वाले सोलर प्रोजेक्ट के लिए जमीन आवंटन को मंजूरी दी गई। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि इन प्रोजेक्ट्स से राज्य में न केवल बिजली उत्पादन बढ़ेगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
राजस्थान देश के सबसे बड़े सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों में से एक है और यह प्रोजेक्ट राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
पर्यटन और पुरातत्व विभाग में बढ़ेंगे पदोन्नति के अवसर
बैठक में पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। अब राजस्थान पर्यटन सेवा संवर्ग में वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक के पद तक पदोन्नति का प्रावधान किया जाएगा। इसके लिए नियमों में संशोधन किया गया है और राजस्थान पुरातत्व एवं संग्रहालय के संयुक्त निदेशक (पे लेवल-18) के नए पद को भी इसमें शामिल किया गया है।
इससे विभागीय कर्मचारियों को करियर में आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा और पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग में कार्यकुशलता और पारदर्शिता बढ़ेगी।
फैसलों का असर
राजस्थान कैबिनेट के इन फैसलों का सीधा असर शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और पर्यटन जैसे अहम क्षेत्रों पर पड़ेगा।
मेडिकल शिक्षा में NRI कोटे की फीस घटने से छात्रों को राहत मिलेगी।
पेंशन बढ़ोतरी और दिव्यांग बच्चों को आजीवन पेंशन मिलने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी से खिलाड़ियों को नई दिशा मिलेगी।
सोलर प्रोजेक्ट से ऊर्जा उत्पादन और रोजगार दोनों को गति मिलेगी।
पर्यटन और पुरातत्व विभाग में पदोन्नति से कार्यकुशलता और अवसर बढ़ेंगे।
भजनलाल सरकार के ये फैसले राज्य में शिक्षा, ऊर्जा और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सुधार और विकास के नए रास्ते खोलेंगे।


