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राजस्थान बजट 2026: कोटा को टेक्नो हब, स्मार्ट पार्किंग और साइबर फॉरेंसिक की सौगात

राजस्थान बजट 2026: कोटा को टेक्नो हब, स्मार्ट पार्किंग और साइबर फॉरेंसिक की सौगात

राजस्थान विधानसभा में पेश किए गए राज्य बजट 2026 में वित्त मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कोटा जिले के लिए विकास से जुड़ी कई अहम घोषणाएं की हैं। शिक्षा और कोचिंग हब के रूप में पहचान रखने वाले कोटा को अब तकनीक, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, पर्यावरण और कृषि के क्षेत्र में भी नई दिशा देने का प्रयास किया गया है। बजट में कोटा शहर के साथ-साथ सांगोद, लाडपुरा, रामगंज मंडी, इटावा, पीपल्दा और दीगोद जैसे क्षेत्रों के लिए भी अलग-अलग योजनाएं घोषित की गई हैं।

कोटा में बनेगा नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नो हब

बजट की सबसे बड़ी घोषणा कोटा में नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नोलॉजी से युक्त नवीन टेक्नो हब की स्थापना को लेकर की गई है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीक, स्टार्टअप और इनोवेशन से जोड़ना है। इस टेक्नो हब से आईटी, डिजिटल स्किल्स और नई तकनीकों में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

ऑर्गेनिक फूड मार्केट और जैविक खेती को बढ़ावा

कोटा में जैविक कृषि उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ऑर्गेनिक फूड मार्केट की स्थापना की जाएगी। इससे स्थानीय किसानों को सीधे बाजार मिलेगा और उपभोक्ताओं को शुद्ध व सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में भी इजाफा होगा।

साइबर फॉरेंसिक और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती

डिजिटल अपराधों पर नियंत्रण के लिए कोटा की रीजनल फॉरेंसिक साइंस लैब में साइबर फॉरेंसिक डिवीजन की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही कोटा ग्रामीण क्षेत्र में एक नया साइबर पुलिस थाना खोलने की भी घोषणा की गई है। यह कदम साइबर अपराधों की जांच और त्वरित कार्रवाई में मददगार साबित होगा।

स्मार्ट पार्किंग और ईवी चार्जिंग की सुविधा

शहर में यातायात दबाव को कम करने के लिए पीपीपी मोड पर स्मार्ट पार्किंग विकसित की जाएगी। इसके साथ ही नगर निगम क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा विस्तार

बजट में कोटा के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। एमबीएस अस्पताल में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर स्थापित किए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में विश्रामगृह और अटल आरोग्य फूड कोर्ट बनाए जाएंगे। लाडपुरा क्षेत्र में पहले चरण में 75 बेड का नया अस्पताल खोला जाएगा, जिसकी क्षमता आगे चलकर बढ़ाई जाएगी। सुभाष नगर कोटा में नवीन आयुर्वेदिक औषद्यालय और चिल्ड्रंस होम के लिए भवन उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है।

महिला, बाल और सामाजिक सशक्तिकरण

कोटा में महिला एवं बाल शक्ति संकुल बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।

शिक्षा और शोध को मिलेगा बढ़ावा

कोटा यूनिवर्सिटी में भगवान बिरसा मुंडा शोध पीठ की स्थापना की जाएगी। यह शोध पीठ जनजातीय इतिहास, संस्कृति और सामाजिक मुद्दों पर अध्ययन को बढ़ावा देगी। इसके अलावा कोटा में नवीन मॉडल संदर्भ केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।

सांगोद क्षेत्र के लिए खास घोषणाएं

बजट में सांगोद विधानसभा क्षेत्र के लिए भी कई विकास योजनाएं शामिल की गई हैं। सांगोद में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय खोला जाएगा। भगदा खाल के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से फ्लड डायवर्सन का कार्य होगा। नगर पालिका सांगोद में विभिन्न सड़कों पर नाला निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये और समस्या ग्रस्त गांवों में पेयजल समाधान के लिए 3 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अन्नपूर्णा नदी के पास ‘अटल वन’ विकसित करने के लिए 4 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सड़क, फ्लाईओवर और अंडरपास परियोजनाएं

कोटा शहर में यातायात सुधार के लिए कोटड़ी ग्रेट सेपरेटर से बड़ तिराहे तक 38 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर बनाया जाएगा। झालावाड़ रोड पर लायंस क्लब के पास 20 करोड़ रुपये की लागत से अंडरपास बनेगा। देवली कला से घाटोली तक 8 किलोमीटर सड़क के लिए 12 करोड़ रुपये और विभिन्न संपर्क सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।

सिंचाई और बाढ़ सुरक्षा पर बड़ा निवेश

चंबल दायी मुख्य नहर से पानी लेकर आलनिया बांध क्षेत्र के 36 गांवों की लगभग 2716 हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने के लिए 100 करोड़ रुपये की दबावयुक्त सिंचाई प्रणाली विकसित की जाएगी। इसके अलावा दीगोद, सांगोद और लाडपुरा क्षेत्रों में फ्लड डायवर्सन, एनीकेट, नहर मरम्मत और सुरक्षा दीवारों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। सौर ऊर्जा आधारित चंद्रवला माइक्रो सिंचाई परियोजना के द्वितीय चरण पर भी 15 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण

वन्यजीवों के इलाज के लिए कोटा में स्पेशलाइज्ड सेंटर फॉर ट्रीटमेंट ऑफ वाइल्ड एनिमल खोला जाएगा। इसके साथ ही ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नॉइस मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित करने की घोषणा की गई है।

रेलवे ओवरब्रिज (ROB) निर्माण की योजनाएं

बजट में कोटा संभाग से जुड़े रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को भी शामिल किया गया है। कोटा-नागदा रेल खंड पर भवानी मंडी और चौमहला में ROB निर्माण, वहीं छबड़ा-रुठियाई रेल खंड पर छबड़ा और अन्य स्थानों पर ROB निर्माण के लिए कुल मिलाकर सैकड़ों करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

विकास की दिशा में कोटा को नई पहचान

कुल मिलाकर राजस्थान बजट 2026 में कोटा जिले को तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, यातायात और पर्यावरण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सौगातें मिली हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से कोटा केवल कोचिंग सिटी ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और समग्र विकास का मॉडल शहर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। अब देखना यह होगा कि ये घोषणाएं कितनी तेजी से जमीन पर उतरती हैं और आम लोगों को इनका कितना लाभ मिल पाता है।

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