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राजस्थान बजट 2026: अजमेर को ड्रेनेज, सड़क, एआई और पेयजल परियोजनाओं की सौगात

राजस्थान बजट 2026: अजमेर को ड्रेनेज, सड़क, एआई और पेयजल परियोजनाओं की सौगात

राजस्थान विधानसभा में बुधवार को डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने वर्ष 2026 का बजट पेश किया। बजट भाषण में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ अजमेर के लिए भी कई अहम घोषणाएं की गईं। पेयजल, ड्रेनेज, सड़क, स्वास्थ्य, स्टार्टअप और डिजिटल सेवाओं से जुड़े प्रावधानों ने अजमेर को विकास की नई दिशा देने का दावा किया है। हालांकि, बजट को लेकर शहर में मिलीजुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

जलभराव और बाढ़ सुरक्षा के लिए 200 करोड़ का ड्रेनेज प्रोजेक्ट

अजमेर में बरसात के दौरान जलभराव और पानी निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बजट में इस समस्या के समाधान के लिए 200 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेनेज कार्यों की घोषणा की गई। इसके अलावा अजमेर और जयपुर सहित प्रमुख शहरों में 1020 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे शहरी क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति से राहत मिलेगी और जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी।

एआई से जुड़ेगा अजमेर डिस्कॉम सेंटर

बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। अजमेर डिस्कॉम सेंटर को रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ा जाएगा। इससे बिजली आपूर्ति की निगरानी, फॉल्ट डिटेक्शन और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार की उम्मीद है। सत्ता पक्ष के नेताओं ने इसे तकनीकी रूप से उन्नत और भविष्य उन्मुख पहल बताया है।

सड़क और हाइवे विकास पर बड़ा निवेश

बजट में सड़क अवसंरचना पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्पीड वॉयलेशन डिटेक्शन सिस्टम के साथ ब्यावर-बिजयनगर हाइवे के सुदृढ़ीकरण के लिए 210 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

इसके अलावा अजमेर-पुष्कर बड़ी घाटा सड़क निर्माण पर 12 करोड़ रुपये, पुष्कर घाटी मार्ग चौड़ीकरण के लिए 12 करोड़, बिजयनगर-केकड़ी सड़क के लिए 15 करोड़ और पाटन से किशनगढ़ सड़क के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शेरगढ़ से जीवनपुरा पर पुलिया निर्माण के लिए 4 करोड़ 95 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।

नॉन पैचेबल सड़कों के लिए 1400 करोड़ और मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत हेतु 500 करोड़ का प्रावधान भी रखा गया है।

पेयजल के लिए 600 ट्यूबवेल और जल जीवन मिशन

गर्मी के मौसम में पानी की समस्या को देखते हुए अजमेर सहित प्रदेश में 600 ट्यूबवेल लगाने की घोषणा की गई है। प्रत्येक कलेक्टर को समर कंटिजेंसी के लिए 1-1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। सीएम जल जीवन मिशन के तहत 6500 गांवों को जोड़कर हर घर नल से पानी पहुंचाने के लिए 4500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगले वर्ष 3 लाख नए पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे। बिसलपुर योजना के तहत 1092 गांवों तक पानी पहुंचाने की योजना को बेहतर करने के लिए 650 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में नई घोषणाएं

जिला अस्पतालों में मेंटल हेल्थ केयर सेंटर खोले जाएंगे। जिन मरीजों के पास दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें भी मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों पर 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर सहित बड़े शहरों में मरीजों के अटेंडेंट के लिए धर्मशालाएं बनाई जाएंगी, जिन पर 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अस्पताल में मृत्यु होने पर घर तक पार्थिव शरीर पहुंचाने के लिए मोक्षवाहिनी योजना शुरू की जाएगी।

शिक्षा और रोजगार से जुड़ी पहल

राज्य में ऑनलाइन एग्जाम सेंटर बनाए जाएंगे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी स्थापित की जाएगी। कॉलेजों में मेंटल हेल्थ काउंसलिंग के लिए काउंसलर नियुक्त किए जाएंगे। अजमेर सहित कई शहरों में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए टेक्नो हब और लैब स्थापित की जाएंगी, जिन पर 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भाजपा नेताओं का कहना है कि इससे युवाओं को रोजगार और नवाचार के अवसर मिलेंगे।

मॉडल उद्यान और सिग्नल फ्री शहर

अजमेर व ब्यावर सहित 16 शहरों में मॉडल उद्यान ऑक्सीजोन विकसित किए जाएंगे। इसके लिए 32 करोड़ रुपये का प्रावधान है। सभी संभाग मुख्यालयों को सिग्नल फ्री बनाने के लिए फ्लाईओवर, अंडरपास और पार्किंग परियोजनाएं चलाई जाएंगी। इस पर 2300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।

विपक्ष और आमजन की प्रतिक्रियाएं

कर्मचारी नेता कान्तिलाल शर्मा ने कहा कि बजट में कर्मचारी वर्ग और पेंशनर्स की उपेक्षा की गई है। महिला सुरक्षा को लेकर मीनाक्षी यादव ने कहा कि महिलाओं के लिए कोई ठोस योजना पेश नहीं की गई।

व्यापारी राजेश के अनुसार व्यापारियों के लिए बजट में कोई विशेष राहत नहीं है। उन्होंने कहा कि व्यापार की मौजूदा समस्याओं को समझने की जरूरत है।

वहीं युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है और जमीनी स्तर पर काम नहीं होता। उन्होंने शहर की खराब सड़कों, बंद स्ट्रीट लाइट और शिक्षण संस्थानों में स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाया।

अजमेर की अधूरी उम्मीदें

बजट से अजमेर को कई उम्मीदें भी थीं जो पूरी नहीं हुईं। राजस्थान लोक सेवा आयोग के लिए आधुनिक परीक्षा हॉल की सुविधा, जेएलएन अस्पताल में सेंट्रल लैब और नई विंग, तारागढ़ किले के विकास और रोप-वे परियोजना, दरगाह क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा प्रोजेक्ट, जीसीए में नया ऑडिटोरियम और पर्यटन से जुड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की उम्मीद थी। एमएसएमई और मार्बल-ग्रेनाइट उद्योग को जीएसटी राहत, रीको एरिया विकास और बिजली दरों में कटौती की भी अपेक्षा थी।

चहुंमुखी विकास या केवल घोषणाएं?

भाजपा नेता रचित कच्छावा ने कहा कि बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है और अजमेर को पर्याप्त सौगात मिली है। वहीं विपक्ष का आरोप है कि यह केवल घोषणाओं का बजट है। कुल मिलाकर राजस्थान बजट 2026 में अजमेर के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा की गई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ये योजनाएं कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से धरातल पर उतरती हैं।

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