राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने बजट 2026 में प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नई पुलिस चौकियों की स्थापना, साइबर अपराध नियंत्रण के लिए साइबर पुलिस स्टेशन और नवगठित जिलों में अभय कमांड सेंटर जैसी योजनाओं की घोषणा की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि कानून-व्यवस्था को तकनीकी रूप से उन्नत बनाते हुए हर नागरिक तक सुरक्षा का भरोसा पहुंचे।
नवगठित 8 जिलों में स्थापित होंगे अभय कमांड सेंटर
राज्य सरकार ने घोषणा की है कि राजस्थान के नवगठित आठ जिलों में अभय कमांड सेंटर स्थापित किए जाएंगे। ये कमांड सेंटर अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगे और आपात स्थितियों, अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक मॉनिटरिंग तथा सुरक्षा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे स्थानीय प्रशासन को त्वरित प्रतिक्रिया देने में मदद मिलेगी और पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी।
एससी/एसटी वृत्त कार्यालय और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट्स
नवगठित जिलों में एससी/एसटी वृत्त कार्यालय खोलने की घोषणा भी बजट में की गई है, जिससे अत्याचार संबंधी मामलों की जांच और शिकायत निवारण प्रक्रिया को तेज किया जा सकेगा। इसके साथ ही, मानव तस्करी पर रोक लगाने के लिए प्रदेश में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (AHT) यूनिट्स स्थापित की जाएंगी। ये यूनिट्स ऐसे अपराधों पर निगरानी रखने, पीड़ितों की सहायता करने और तस्करी नेटवर्क को समाप्त करने का काम करेंगी।
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता: 100 थानों में महिला बैरक
महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार प्रदेश के 100 पुलिस थानों में महिला बैरक विकसित करेगी। इससे महिला पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य परिस्थितियाँ मिलेंगी और शिकायत दर्ज कराने आने वाली महिलाओं को भी अधिक सुरक्षित वातावरण मिलेगा। महिला केंद्रित पुलिस इन्फ्रास्ट्रक्चर का यह विस्तार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
साइबर अपराधों पर सख्ती: सभी जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन
राजस्थान में बढ़ते साइबर अपराधों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने वर्ष 2030 तक सभी जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। ये थाने डिजिटल अपराधों की जांच, साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, डेटा चोरी जैसे मामलों को तकनीकी स्तर पर संभालने में सक्षम होंगे।
साइबर सुरक्षा के इस विस्तार से राज्य में डिजिटल अपराधों पर नियंत्रण में मदद मिलेगी और साइबर अपराध पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सकेगा।
कहां-कहां खुलेंगी नई पुलिस चौकियां
सरकार ने कई क्षेत्रों में नई पुलिस चौकियां खोलने की घोषणा की है ताकि क्षेत्रीय स्तर पर पुलिस की पहुंच और उपस्थिति को मजबूत किया जा सके। नई पुलिस चौकियां निम्न स्थानों पर बनाई जाएंगी:
राजपुरिया (प्रतापगढ़)
भनोखर (कठूमर) व मालपुर (गोविन्दगढ़) – अलवर
कादेड़ा (चाकसू), बोबास (झोटवाड़ा), त्रिवेणी नगर (सांगानेर) – जयपुर
ल्हास (मनोहरथाना) – झालावाड़
सांजू (डेगाना) – नागौर
बरार (भीम) – राजसमंद
गैंता (पीपल्दा), कैथून खेड़ा-रसूलपुर तिराहा (लाडपुरा) – कोटा
पालरा औद्योगिक क्षेत्र (पुष्कर), माकड़वाली – अजमेर
आडसर (श्रीडूंगरगढ़) – बीकानेर
मांगता (गुढ़ामलानी), रामदेरिया – बाड़मेर
जिन पुलिस चौकियों को थाना बनाया जाएगा
कुछ महत्वपूर्ण पुलिस चौकियों को विस्तार देकर थाने के रूप में उन्नत किया जाएगा:
तरनाऊ (जायल) – नागौर
गिलूण्ड – राजसमंद
मामेर (झाड़ोल), आयड़ – उदयपुर
तिंवरी (औंसिया) – जोधपुर
बालाजी पुलिस चौकी (उदयपुरवाटी) – झुंझुनूं


