राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पत्रकारों से आह्वान किया है कि वे सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहते हुए सकारात्मक पत्रकारिता के माध्यम से समाज को नई दिशा दिखाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार प्रसारण का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने और नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना जगाने का एक प्रभावी साधन है। देवनानी गुरुवार शाम राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में नेशनल मीडिया फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे, जहाँ उन्होंने मीडिया की भूमिका, चुनौतियों और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की।
अपने संबोधन में देवनानी ने कहा कि यदि पत्रकार अपने दायित्वों को सत्य, निष्पक्षता और राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए निभाएँ, तो भारत विश्व में एक मार्गदर्शक राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश की सनातन संस्कृति, मूल्यों और विश्व बंधुत्व की अवधारणा को मीडिया के माध्यम से अधिक प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने की आवश्यकता है, ताकि भारत फिर से विश्व गुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सके।
देवनानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर अग्रसर है और भविष्य में सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की क्षमता भी रखता है। ऐसे समय में मीडिया की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि विकास की इस यात्रा में जनसामान्य को दिशा देने और जागरूक करने का काम पत्रकार ही करते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत ने कभी भी आक्रमण की नीति नहीं अपनाई और न ही शक्ति के बल पर विश्व पर प्रभुत्व जमाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि हमारा देश हमेशा से प्रेम, शांति, सद्भाव, विश्वास और मानवता के मूल्यों पर आधारित रहा है और यही हमारी सनातन भारतीय संस्कृति की पहचान है। इसी कारण भारत पहले भी दुनिया का मार्गदर्शक रहा है और भविष्य में भी रहेगा।
देवनानी ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया आज संवेदनशील स्थिति में है, ऐसे में पत्रकारों को सत्य को उजागर करने और जनजागरण में अपनी भूमिका मजबूती से निभानी होगी। उन्होंने फेक न्यूज, भ्रामक सूचनाओं और अतिरंजित ख़बरों से बचने की सलाह देते हुए कहा कि ऐसी कोई भी रिपोर्टिंग नहीं होनी चाहिए, जिससे भारत की सुरक्षा और रणनीतिक हित प्रभावित हों।
उन्होंने पत्रकारों से आत्ममंथन की भी अपील की और मीडिया के बदलते स्वरूप पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहले अखबारों में संपादक की निर्णायक भूमिका होती थी, लेकिन आज मीडिया संस्थानों में व्यावसायिक हित बढ़ने से संपादकीय स्वतंत्रता सिमटती जा रही है। इससे खबरों के चयन से लेकर उनकी प्रस्तुति तक लाभ और प्रभाव का दबाव साफ दिखाई देता है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब तक अखबारों और मीडिया संस्थानों की बागडोर पुनः पत्रकारों और संपादकों के हाथों में नहीं आएगी, तब तक मीडिया लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी भूमिका पूरी तरह निभा नहीं सकेगा।
देवनानी ने कहा कि राजस्थान सरकार ने राज्य के पत्रकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए पेंशन और चिकित्सा सुविधाओं सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। अन्य राज्यों को भी ऐसे कदम उठाने चाहिए, ताकि पत्रकारिता जगत मजबूत हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया के कई स्वरूप सामने आने के बावजूद भी प्रिंट मीडिया का प्रभाव आज भी कायम है। पत्रकार यदि निष्पक्षता, ईमानदारी और समाजहित को प्राथमिकता देते हुए कार्य करें, तो वे जनता की आवाज को प्रभावी रूप से शासन तक पहुँचा सकते हैं। उन्होंने आजादी के आंदोलन और आपातकाल में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका का उदाहरण देते हुए कहा कि आज भी उसी मिशनरी भाव से काम करने की आवश्यकता है।
विधानसभा अध्यक्ष ने राजस्थान के समृद्ध इतिहास, शौर्य, संस्कृति और पर्यटन को भी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण विषय बताते हुए कहा कि महाराणा प्रताप, सूरजमल, पन्ना धाय, मीरा बाई जैसे महानायक और विभूतियाँ नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं और पत्रकारों को उनकी गाथाओं को प्रमुखता से सामने लाना चाहिए। उन्होंने बताया कि अपने शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में उन्होंने स्कूली पाठ्यक्रम में अकबर महान के स्थान पर महाराणा प्रताप महान का अध्याय जोड़ा और 200 महापुरुषों की जीवनियों को पाठ्यक्रम में शामिल किया, ताकि बच्चे अपने इतिहास और राष्ट्रीय नायकों से परिचित हो सकें।
कार्यक्रम में विधानसभाध्यक्ष ने नेशनल मीडिया फाउंडेशन की स्मारिका का विमोचन किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों तथा समाजसेवियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर नेशनल मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र जैन ने देवनानी का स्वागत किया और राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. ओ. पी. यादव ने संगठन की गतिविधियों तथा उपलब्धियों की जानकारी दी।


