शोभना शर्मा। राजस्थान के लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित 8वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा का परिणाम कल यानी सोमवार, 26 मई 2025 को शाम 5 बजे घोषित किया जाएगा। इस परिणाम की औपचारिक घोषणा जयपुर स्थित शिक्षा संकुल से की जाएगी। इस अवसर पर राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहेंगे और परिणाम जारी करेंगे।
12.64 लाख विद्यार्थियों ने दी थी परीक्षा
इस वर्ष राज्य भर के सरकारी और निजी विद्यालयों से कुल 12 लाख 64 हजार विद्यार्थियों ने 8वीं बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। परीक्षा का आयोजन मार्च से अप्रैल 2025 के मध्य राज्य के सभी जिलों में एक साथ किया गया था। शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित किया था कि परीक्षा पूरे राज्य में एक समान रूप से और पारदर्शिता के साथ संपन्न हो।
मूल्यांकन कार्य समय पर पूरा, परिणाम घोषित करने की तैयारी पूर्ण
शिक्षा विभाग के अनुसार, परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कर लिया गया है और अब परिणाम को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अधिकारियों ने बताया है कि परिणाम घोषित करने की सारी तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
ऑनलाइन माध्यम से मिलेगा रिजल्ट
परीक्षा परिणाम विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। विद्यार्थी अपना परिणाम अपने-अपने विद्यालयों के माध्यम से देख सकेंगे। इसके साथ ही, राजस्थान शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट rajshaladarpan.nic.in पर भी परिणाम उपलब्ध रहेगा। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने लॉगिन पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों की मार्कशीट डाउनलोड कर उन्हें वितरित करें।
शिक्षा मंत्री का बयान: पारदर्शिता और गुणवत्ता की प्राथमिकता
राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और गुणवत्ता युक्त बनाने के लिए कटिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए अहम कदम उठाए जा रहे हैं।
बोर्ड स्तर पर परीक्षा का दोबारा आयोजन: सुधार की दिशा में बड़ा फैसला
ज्ञात हो कि राजस्थान सरकार ने कुछ वर्ष पूर्व 8वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं दोबारा से बोर्ड स्तर पर आयोजित करने का निर्णय लिया था। इस बदलाव का उद्देश्य राज्य में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करना है। इसके तहत अब विद्यार्थियों को अगली कक्षा में जाने के लिए न्यूनतम निर्धारित अंक प्राप्त करना आवश्यक कर दिया गया है। इससे छात्रों की तैयारी बेहतर होगी और उन्हें उच्च कक्षाओं में प्रवेश के लिए सशक्त आधार मिलेगा।
वैकल्पिक परीक्षा की सुविधा भी उपलब्ध
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो विद्यार्थी निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं कर पाएंगे, उन्हें एक और मौका दिया जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा, जिससे वे पुनः प्रयास कर सकें और अगली कक्षा में प्रवेश प्राप्त कर सकें।
विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह
राज्यभर के लाखों विद्यार्थी और उनके माता-पिता अब सोमवार शाम 5 बजे घोषित होने वाले परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह परीक्षा विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के शुरुआती वर्षों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जाती है, जो उनकी शैक्षणिक दिशा और आत्मविश्वास को प्रभावित करती है।


