शोभना शर्मा। राजस्थान में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों से जलभराव, मकान गिरने और यातायात प्रभावित होने की खबरें आ रही हैं। बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे आमजन को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बूंदी जिले के भीमगंज क्षेत्र में किशनलाल गुर्जर का मकान शनिवार को अचानक धराशायी हो गया। बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण मकान की दीवारें पहले से ही कमजोर हो चुकी थीं। बारिश के कारण दीवारों में सीलन और ढीलापन आ गया था। अचानक तेज आवाज के साथ मकान पूरी तरह भरभराकर गिर पड़ा। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
बीकानेर जिले के नोखा कस्बे में भी इसी तरह का एक हादसा सामने आया। भारी बारिश के बाद एक कच्चा मकान जमींदोज हो गया। घटना के वक्त मकान में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
श्रीगंगानगर जिले में शुक्रवार और शनिवार को हुई बारिश के बाद जिला मुख्यालय के कई हिस्सों में पानी भर गया। रविंद्र पथ, गौशाला रोड, सुखाडिया सर्कल, शिव चौक और पुरानी आबादी जैसे इलाकों में जलभराव से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। निचली बस्तियों में घरों में पानी घुसने की आशंका बनी हुई है। वाहन चालकों को भी जलभराव के कारण बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने अलवर और भरतपुर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटे में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम वर्षा और कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। विभाग ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली उपकरणों के प्लग निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर रहें।
करौली जिले में शनिवार को रुक-रुककर बारिश होती रही, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। करीब एक घंटे तक रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही, जिसके चलते निचले इलाकों में पानी भर गया। बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। किसान समुदाय में चिंता का माहौल है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां खेतों में पानी भर गया है। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि आगामी एक सप्ताह में बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है और मौसम सामान्य हो सकता है, जिससे आमजन को कुछ राहत मिल सकती है।