मनीषा शर्मा। त्योहारों के मौसम में हर साल भारतीय रेलवे पर यात्रियों की भारी भीड़ का दबाव बढ़ जाता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष रेलवे ने एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने तीन-स्तरीय वॉर रूम सिस्टम तैयार किया है। यह प्रणाली डिवीजन, जोनल और बोर्ड स्तर पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। रेल मंत्री के अनुसार, इस सिस्टम के जरिए स्टेशनों पर भीड़ की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सकती है। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान यात्रियों को भीड़, देरी या असुविधा से बचाना है।
रेलवे ने अब तक 10,700 ट्रेनें चलाईं, 3,000 रिजर्व में तैयार
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि रेलवे ने इस साल त्योहारों की भीड़ को देखते हुए रिकॉर्ड 10,700 स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। इसके अलावा 3,000 अतिरिक्त ट्रेनें रिजर्व में रखी गई हैं, ताकि किसी भी स्टेशन पर अचानक भीड़ बढ़ने पर उन्हें तुरंत चलाया जा सके। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे ने यह व्यवस्था इसलिए की है ताकि यात्रियों को लंबा इंतजार न करना पड़े और कोई भी स्टेशन ओवरक्राउडिंग का केंद्र न बने। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया— “18 अक्टूबर को सूरत के उधना स्टेशन पर अचानक भीड़ बढ़ी थी। वॉर रूम सिस्टम के जरिए तुरंत आसपास के स्टेशनों से रिजर्व ट्रेनें भेजी गईं और स्थिति को कुछ ही घंटों में नियंत्रित कर लिया गया।” इसी तरह अंबाला स्टेशन पर भी जब एक दिन यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ी, तो जालंधर और आसपास के स्टेशनों से अतिरिक्त ट्रेनें चलाकर भीड़ को नियंत्रित किया गया।
बिहार के लिए बढ़ाए गए गंतव्य — अब 18 स्टेशन होंगे शामिल
त्योहारों के दौरान उत्तर भारत से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रहती है। इसको ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इस बार बिहार के गंतव्यों की संख्या 7 से बढ़ाकर 18 कर दी है। रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि यह कदम यात्रियों को उनके नजदीकी गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए उठाया गया है, ताकि उन्हें किसी एक बड़े स्टेशन पर भीड़ का सामना न करना पड़े। इस पहल से न केवल यात्री भार विभाजित हुआ है, बल्कि रेलवे नेटवर्क पर संचालन की दक्षता भी बढ़ी है।
रेल भवन में बना हाई-टेक सेंट्रल वॉर रूम
रेलवे मंत्रालय ने इस बार तकनीकी दृष्टि से एक और बड़ा कदम उठाया है। रेल भवन में एक सेंट्रल वॉर रूम (कमांड सेंटर) स्थापित किया गया है, जो देशभर में चल रही सभी ट्रेनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करता है। यह वॉर रूम सीधे रेलवे बोर्ड के नियंत्रण में काम करता है और:
सभी जोनल और डिवीजनल वॉर रूम से डेटा प्राप्त करता है।
भीड़, ट्रेन संचालन, यात्रियों की शिकायतें और संभावित आपात स्थिति पर तुरंत निर्णय लेता है।
रेलवे अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देता है।
यह प्रणाली देशभर में यात्री सुरक्षा, संचालन की दक्षता और आपात प्रबंधन के लिए एकीकृत सूचना नेटवर्क के रूप में काम कर रही है।
देशभर में 80 से अधिक वॉर रूम सक्रिय
वर्तमान में भारतीय रेलवे नेटवर्क में 80 से अधिक वॉर रूम सक्रिय हैं, जो रेलवे बोर्ड, जोनल और डिवीजन स्तर पर चौबीसों घंटे कार्यरत रहते हैं। इनका काम केवल भीड़ नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि ये ट्रेन संचालन, सिग्नलिंग सिस्टम, यात्री सुविधाओं और शिकायत निवारण की निरंतर निगरानी भी करते हैं। इन वॉर रूम्स के जरिए रेलवे—
रिजर्व ट्रेनों की उपलब्धता की रियल-टाइम स्थिति देखता है।
स्टेशनों पर भीड़ का डिजिटल विश्लेषण करता है।
ऑपरेशनल निर्णयों को तेज़ी से लागू करता है।
यात्रियों के लिए रेलवे की नई पहलें
रेलवे ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए कई नई पहलें शुरू की हैं:
फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें: अतिरिक्त गाड़ियों के जरिए यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा।
ऑनलाइन टिकट मॉनिटरिंग: टिकट बुकिंग में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए एडवांस मॉनिटरिंग सिस्टम लागू।
स्टेशन हेल्प डेस्क: प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन और मार्गदर्शन के लिए हेल्प डेस्क की स्थापना।
रेलवे पुलिस अलर्ट मोड पर: सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात।
रेल मंत्री ने कहा कि यह सब पहलें मिलकर इस त्योहार सीजन को यात्रियों के लिए सुरक्षित, सुगम और तनावमुक्त बनाने में मदद कर रही हैं।
तकनीक से जुड़े हैं रेलवे के सभी वॉर रूम
रेलवे के सभी वॉर रूम केंद्रीय कमांड सेंटर से जुड़े हैं, जो डेटा एनालिटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित रिपोर्टिंग सिस्टम का उपयोग करते हैं। इससे किसी भी स्टेशन पर भीड़ या विलंब जैसी समस्या का तुरंत पता लगाया जा सकता है। रेल मंत्री वैष्णव के अनुसार, यह व्यवस्था भविष्य में रेलवे के स्थायी ढांचे का हिस्सा बनेगी, ताकि हर त्योहारी सीजन में यात्रियों को परेशानी न हो।


