अजमेर स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (MDSU) एक बार फिर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच को लेकर विवादों के घेरे में आ गया है। हाल ही में आंसर शीट जांच के दौरान छात्र-छात्राओं के वीडियो वायरल होने का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब योगा एजुकेशन विषय में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को शून्य अंक मिलने से नया विवाद खड़ा हो गया है। इस घटनाक्रम से छात्रों, विशेषकर छात्राओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। छात्रों का आरोप है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन गंभीर लापरवाही के साथ किया गया है।
परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचकर छात्रों का प्रदर्शन
आंसर शीट चेकिंग में गड़बड़ी की आशंका को लेकर कई छात्र परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी आपत्तियां रखते हुए कहा कि उन्होंने परीक्षा में सभी प्रश्नों के उत्तर लिखे थे, इसके बावजूद उन्हें शून्य अंक या अत्यंत कम अंक दिए गए हैं। छात्रों का कहना है कि इस तरह की गलतियों से उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है।
भीलवाड़ा की B.P.Ed द्वितीय सेमेस्टर छात्राओं ने उठाई आवाज
इसी क्रम में भीलवाड़ा की B.P.Ed द्वितीय सेमेस्टर की छात्राओं ने एक विषय में बैक लगने को लेकर कड़ा विरोध जताया। छात्रसंघ अध्यक्ष महिपाल गोदारा के नेतृत्व में छात्राएं परीक्षा नियंत्रक से मिलने पहुंचीं और अपनी समस्याएं सामने रखीं। छात्राओं का आरोप है कि जब वे परीक्षा नियंत्रक कक्ष की ओर बढ़ीं तो सुरक्षा गार्डों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और वापस लौटने को कहा।
कुलगुरु भवन तक पहुंचा मामला
परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात न होने पर छात्रसंघ अध्यक्ष के साथ सभी छात्र कुलगुरु भवन की ओर रवाना हुए। इस दौरान सुरक्षा गार्डों द्वारा छात्रों को पत्र और राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कराने की चेतावनी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्वक अपनी समस्या रखने पहुंचे थे, न कि किसी तरह की अव्यवस्था फैलाने।
परीक्षा नियंत्रक का पुनः जांच का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा नियंत्रक सुनील टेलर ने छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि—
संबंधित उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराई जाएगी
पुनर्मूल्यांकन के बाद छात्रों को परिणाम से अवगत कराया जाएगा
इस आश्वासन के बाद छात्रों ने फिलहाल अपना प्रदर्शन समाप्त किया।
छात्रसंघ अध्यक्ष का आरोप: जांच प्रक्रिया पर सवाल
छात्रसंघ अध्यक्ष महिपाल गोदारा ने कहा कि लगातार उत्तर पुस्तिकाओं में सामने आ रही गड़बड़ियां इस बात का संकेत हैं कि कॉपियों की जांच पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी शैक्षणिक समस्याएं रखने आए हैं, न कि किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने।
निष्पक्ष जांच और परिणाम सुधार की मांग
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि—
उत्तर पुस्तिकाओं की निष्पक्ष और गंभीर जांच कराई जाए
जिन छात्रों के साथ अन्याय हुआ है, उनके परिणाम शीघ्र सुधारे जाएं
भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, इसके लिए मूल्यांकन प्रक्रिया को सख्त और पारदर्शी बनाया जाए
अब देखना यह होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन पुनः जांच के बाद छात्रों को कितना और कब तक राहत देता है।


