राजस्थान में सोमवार को मनरेगा को बचाने और केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-GRAM-G) के विरोध में कांग्रेस और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया। जयपुर से लेकर अलवर, उदयपुर और कोटा तक मजदूर, कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता एकजुट होकर सड़क पर उतरे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नया कानून मनरेगा के मूल अधिकारों को खत्म करता है और ग्रामीण मजदूरों के साथ ऐतिहासिक विश्वासघात है।
जयपुर के शहीद स्मारक पर बड़ा जमावड़ा
जयपुर में शहीद स्मारक पर आयोजित धरने में प्रदेशभर से आए मजदूरों, कामगारों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मंच पर महिलाओं ने गीत गाकर और नृत्य कर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
इस आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय, निखिल डे, जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा, अर्चना शर्मा, गोपाल शर्मा और कई अन्य नेता शामिल हुए। हालांकि शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा एक घंटे बाद धरना स्थल से रवाना हो गए।
मजदूर महापंचायत: नया कानून रद्द करने की मांग
धरने के दौरान आयोजित मजदूर महापंचायत में यह निर्णय लिया गया कि VB-GRAM-G को रद्द कर मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 से मनरेगा को समाप्त कर नया कानून लागू करना करोड़ों ग्रामीण मजदूरों के अधिकार छीनने जैसा है। मनरेगा को ग्रामीणों का कानूनी अधिकार बताते हुए कहा गया कि नया कानून केंद्र को अत्यधिक अधिकार देता है और ग्रामीणों की रोजगार सुरक्षा समाप्त करता है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का सरकार पर निशाना
अरुणा रॉय ने कहा कि नया कानून संविधान की मूल भावना के खिलाफ है क्योंकि यह रोजगार की जिम्मेदारी केंद्र के हाथ में सौंप देता है। वहीं निखिल डे ने कहा कि यह कानून रोजगार की गारंटी नहीं, बल्कि मजदूरों की असुरक्षा की गारंटी है।
दोनों का कहना था कि ग्राम सभा और राज्य सरकार की शक्तियां कम कर दी गई हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सुनिश्चित करना मुश्किल होगा।
अलवर और उदयपुर में शांतिपूर्ण विरोध
अलवर में मिनी सचिवालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने घोषणा की कि अगर जरूरत पड़ी तो वे दिल्ली जाकर भी विरोध दर्ज कराएंगे।
उदयपुर में संभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना दिया गया, जहां देहात अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक फायदा लेने का आरोप लगाया।
कोटा में UGC के खिलाफ भी प्रदर्शन
कोटा में UGC के नए प्रावधानों का विरोध करते हुए सवर्ण समाज के लोगों ने रैली निकाली और सीएडी सर्किल पर टायर जलाकर विरोध जताया। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया।


