राजस्थान शिक्षा विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हजारों शिक्षकों और अधिकारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने विभागीय पदोन्नति समिति यानी डीपीसी को लेकर सख्त और समयबद्ध निर्देश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत शिक्षा विभाग के सभी संवर्गों की डीपीसी प्रक्रिया को 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।
इस फैसले को शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और वर्षों से अटकी पदोन्नतियों को गति देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लंबे समय से उच्च पदों पर रिक्तियां होने के कारण न सिर्फ प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा था, बल्कि योग्य अधिकारी और शिक्षक भी प्रमोशन से वंचित थे।
उच्च पदों की लंबित डीपीसी पर विशेष जोर
शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी और उससे ऊपर के सभी पदों की जितनी भी बकाया डीपीसी हैं, उन्हें 31 जनवरी तक हर हाल में पूरा किया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि विभाग में नेतृत्व और प्रशासन से जुड़े अहम पद जल्द से जल्द भरे जा सकें।
इन उच्च पदों पर नियुक्ति न होने के कारण कई जिलों में शैक्षणिक और प्रशासनिक फैसले समय पर नहीं हो पा रहे थे। सरकार अब इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तय समयसीमा में डीपीसी कराने पर जोर दे रही है।
किन पदों को मिलेगा प्रमोशन का लाभ
सरकार के इस आदेश के दायरे में शिक्षा विभाग के लगभग सभी प्रमुख और अहम पद शामिल किए गए हैं। इनमें संयुक्त निदेशक और उप निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य, व्याख्याता, द्वितीय श्रेणी शिक्षक, तृतीय श्रेणी शिक्षक और मंत्रालयिक संवर्ग के पद शामिल हैं।
इन संवर्गों में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे। डीपीसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद न सिर्फ उन्हें प्रमोशन मिलेगा, बल्कि विभाग में रिक्त पदों की समस्या भी काफी हद तक दूर हो जाएगी।
निगरानी के लिए तय किया गया सख्त प्रारूप
सरकार ने केवल आदेश जारी कर जिम्मेदारी खत्म नहीं की है, बल्कि पूरी प्रक्रिया की निगरानी भी शुरू कर दी है। निदेशालय से वर्तमान में चल रही डीपीसी की अद्यतन स्थिति एक निर्धारित प्रारूप में मांगी गई है।
इस प्रारूप में पद का नाम, बकाया डीपीसी की स्थिति, वरिष्ठता सूची की स्थिति और यदि किसी कारणवश डीपीसी नहीं हो पा रही है तो उसका ठोस और स्पष्ट कारण बताना अनिवार्य किया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी न हो।
शिक्षक संगठनों ने फैसले का किया स्वागत
राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील के प्रदेश अध्यक्ष नीरज शर्मा ने सरकार के इस आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि इससे हजारों शिक्षकों और अधिकारियों को पदोन्नति का वास्तविक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से डीपीसी अटकी होने के कारण शिक्षकों में निराशा थी, लेकिन अब तय समयसीमा में प्रक्रिया पूरी होने से विश्वास बहाल होगा।


