शोभना शर्मा। राजस्थान का रणथम्भौर टाइगर रिजर्व देश और दुनिया के उन प्रमुख स्थलों में से है, जहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक वन्यजीवों की झलक पाने पहुंचते हैं। 1 अक्टूबर से यहां का नया टूरिस्ट सीजन शुरू होने जा रहा है, लेकिन उससे पहले ही मशहूर हस्तियों का आना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में कांग्रेस महासचिव और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सोमवार सुबह रणथम्भौर पहुंचीं।
सड़क मार्ग से रणथम्भौर आगमन
प्रियंका गांधी वाड्रा का काफिला सड़क मार्ग से सवाई माधोपुर पहुंचा। यहां वे पांच सितारा होटल शेर बाग में ठहरीं। जैसे ही उनका काफिला होटल पहुंचा, होटल प्रबंधन ने उनका स्वागत राजस्थानी परंपराओं के अनुसार किया। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक रस्मों के बीच प्रियंका गांधी वाड्रा का अभिनंदन किया गया।
तीन से चार दिन का निजी प्रवास
सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी वाड्रा आगामी तीन से चार दिन तक रणथम्भौर में ठहरेंगी। इस दौरान उनका कार्यक्रम रणथम्भौर नेशनल पार्क में टाइगर सफारी करने का भी है। वे यहां जंगल की गहराइयों में जाकर बाघ, बाघिन और अन्य दुर्लभ वन्यजीवों को करीब से देखने का आनंद लेंगी। उनका यह दौरा पूरी तरह निजी बताया जा रहा है।
सुरक्षा के माकूल इंतजाम
प्रियंका गांधी वाड्रा की मौजूदगी के चलते रणथम्भौर और सवाई माधोपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एसपीजी के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा घेरा मजबूत रखा है। पूरे इलाके में सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की चूक न हो।
रणथम्भौर से गहरा जुड़ाव
प्रियंका गांधी वाड्रा का रणथम्भौर से गहरा लगाव माना जाता है। वे हर साल दो से तीन बार यहां आकर नेशनल पार्क की सफारी करती हैं। उन्हें वन्यजीव और प्राकृतिक वातावरण से विशेष प्रेम है। यही कारण है कि व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच वे समय निकालकर यहां आती रहती हैं।
पर्यावरण और वन्यजीवों से जुड़ाव
प्रियंका गांधी वाड्रा को पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण में विशेष रुचि है। यही वजह है कि वे अक्सर अपने परिवार के साथ छुट्टियां बिताने रणथम्भौर आती हैं। वे यहां के जंगलों की सुंदरता, वन्यजीवों की गतिविधियां और प्रकृति के बीच समय बिताने को पसंद करती हैं।
जन्मदिन भी यहीं मनाया था
प्रियंका गांधी वाड्रा ने वर्ष 2022 में अपना जन्मदिन भी रणथम्भौर में ही मनाया था। उस समय भी वे टाइगर रिजर्व की सफारी के लिए यहां आई थीं। माना जाता है कि उन्हें यहां का शांत वातावरण और वन्यजीवों की नजदीकी बेहद भाती है।
पर्यटन सीजन में बढ़ी रौनक
1 अक्टूबर से यहां टूरिस्ट सीजन शुरू हो रहा है, ऐसे में उनकी मौजूदगी पर्यटन को भी नई पहचान दिला रही है। स्थानीय गाइड और होटल संचालक भी इसे सकारात्मक मान रहे हैं।


