फर्जी डिग्री मामले में मेवाड़ विश्वविद्यालय के प्रिंसिपल को किया गिरफ्तार

शोभना शर्मा। राजस्थान लोक सेवा आयोग(Rajasthan Public Service Commission) के द्वारा आयोजित स्कूल लेक्चरर हिंदी प्रतियोगी परीक्षा (School Lecturer Competitive Exam 2022) में दो अभ्यर्थियों को फर्जी डिग्री देने के मामले में अजमेर एसओजी ने कार्यवाही करते हुए मेवाड़ विश्वविद्यालय ( Mewar University ) चित्तौड़ के प्रिंसिपल और प्रोफेसर डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मेसी कौशल किशोर चंद्रुल को गिरफ्तार कर लिया है।

RPSC ने दर्ज कराई थी FIR
ए.डी.जी, एस.ओ.जी वीके सिंह के अनुसार RPSC भूतेल, सांचौर निवासी ब्रह्मा कुमारी पुत्री बाबूलाल और वाडा भावड़ी सांचौर निवासी कमला कुमारी पुत्री भारमल बिश्नोई के विरुद्ध स्कूल लेक्चरर हिंदी प्रतियोगी परीक्षा 2022 मैं फर्जी डिग्री लगाने की FIR सिविल लाइंस थाना अजमेर में दर्ज कराई गई थी ।

यह था मामला
राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित स्कूल लेक्चर हिंदी प्रतियोगी परीक्षा मे ब्रह्मा कुमारी और कमला कुमारी ने ऑनलाइन आवेदन के दौरान ए.म. की डिग्री वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय की बताई थी जबकि नियुक्ति के समय मेवाड़ विश्वविद्यालय गंगरार चित्तौड़गढ़ की डिग्री प्रस्तुत की।जांच में फर्जी डिग्री सत्यापित होने पर आरपीएससी ने अजमेर के सिविल लाइंस थाने में फिर दर्ज कराई थी। कार्यवाही में पहले भी दो युवक जो आरोपी महिलाओं के भाई हैं जिसमें दलपत बिश्नोई कमला कुमारी का भाई है जो सरकारी शिक्षक है और दूसरा डॉक्टर सुरेश ब्रह्मकुमारी का भाई है को गिरफ्तार किया गया था ,पूछताछ के दौरान पता चला कि दोनों युवकों ने दो-दो लाख रुपए देकर फर्जी डिग्रियां बनवाई थी। इसी सिलसिले में आगे कार्यवाही करते हुए सोमवार को आशु जी की टीम ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के प्रिंसिपल कौशल किशोर चंद्रुल गिरफ्तार कर लिया है जिसकी मंगलवार को कोर्ट में पेशी होगी।

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