प्राइम वीडियो फरवरी 23 को एक नई क्राइम सीरीज़ “पोचर” का प्रीमियर करेगा

सीरीज़ की मुख्य विशेषताएं:

  • यह एक सच्ची कहानी पर आधारित है।
  • यह एक महत्वाकांक्षी क्राइम सीरीज़ है।
  • इसमें भारत के कुछ सबसे प्रतिभाशाली कलाकार शामिल हैं।
  • यह केरल और नई दिल्ली के असली परिवेश में फिल्माई गई है।

सीरीज़ के रिलीज़ होने की तारीख:

23 फरवरी, 2024

सीरीज़ देखने के लिए कहाँ जाएं:

प्राइम वीडियो

भारत के सबसे लोकप्रिय मनोरंजन स्थल प्राइम वीडियो ने एक नई क्राइम सीरीज़ “पोचर” का प्रीमियर करने की घोषणा की है। यह सीरीज़ क्यूसी एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित की गई है, जो एक ऑस्कर विजेता प्रोडक्शन एवं फाइनेंस कंपनी है। सीरीज़ को एमी पुरस्कार विजेता फिल्ममेकर रिची मेहता द्वारा बनाया, लिखा और निर्देशित किया गया है।

सीरीज़ के मुख्य किरदारों में निमिषा सजायन, रोशन मैथ्यू और दिब्येंदु भट्टाचार्य शामिल हैं। यह सीरीज़ आठ एपिसोड की है, और इसका प्रीमियर फरवरी 23 को भारत और दुनिया भर के 240 से अधिक देशों और क्षेत्रों में प्राइम वीडियो पर होगा।

सीरीज़ भारतीय वन सेवा के अधिकारियों, वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के एनजीओ कार्यकर्ताओं, पुलिस कांस्टेबलों और उन सुधी नागरिकों के विशाल योगदान को दर्शाती है, जिन्होंने भारतीय इतिहास में हाथी दांत के सबसे बड़े शिकारी गिरोह की छानबीन करने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। कहानी की प्रामाणिकता को बनाए रखने के लिए, सीरीज़ को केरल और नई दिल्ली के असली परिवेश में फिल्माया गया है।

प्राइम वीडियो इंडिया के कंटेंट लाइसेंसिंग डायरेक्टर मनीष मेंघानी ने कहा, “हम ऐसी बेमिसाल और प्रामाणिक कहानियां पेश करना चाहते हैं, जिनमें सामाजिक और सांस्कृतिक चर्चा छेड़ देने का दम हो। एक असाधारण सच्ची कहानी पर आधारित पोचर, न्याय का मतलब पता करने की एक ऐसी महत्वाकांक्षी कोशिश है, जिसे स्क्रीन पर इससे पहले कभी नहीं देखा गया।”

सीरीज़ के निर्माता एडवर्ड एच. हैम जूनियर, रेमंड मैन्सफील्ड और शॉन मैककिट्रिक ने कहा, “जब रिची ने हमारे सामने पोचर का अपना आइडिया पेश किया, तो हम इस कहानी, इसके इरादों और इसकी आंतरिक ज्वाला के साथ फौरन कनेक्ट हो गए। इसमें वह सारा कुछ मौजूद है जिसकी हमें तलाश रहती है: कोई विजन रखने वाला एक फिल्ममेकर, कुछ सुनाने लायक एक कहानी, और ऐसा सहयोगी जो ऑडियंस को मनोरंजन का निर्माण करने की मुख्य वजह मानता हो।”

पोचर की कहानी

पोचर, केरल के घने जंगलों और दिल्ली के कंक्रीट के जंगल में घटी एक असाधारण सच्ची कहानी का एक काल्पनिक व नाटकीय रूपांतरण है। यह सीरीज़ भारतीय वन सेवा के अधिकारियों, वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के एनजीओ कार्यकर्ताओं, पुलिस कांस्टेबलों और उन सुधी नागरिकों के विशाल योगदान को दर्शाती है, जिन्होंने भारतीय इतिहास में हाथी दांत के सबसे बड़े शिकारी गिरोह की छानबीन करने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी।

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