देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को अजमेर पहुंचेंगे और कायड़ विश्रामस्थली में आयोजित होने वाली विशाल जनसभा में शामिल होंगे। इस संबंध में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जानकारी देते हुए कहा कि यह सभा प्रेरणादायक और ऐतिहासिक होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्यक्रम में लाखों लोग भाग लेंगे और यह आयोजन एक नया इतिहास रचेगा।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सभा स्थल पर रविवार को विधिवत भूमि पूजन किया गया, जिसके साथ ही कार्यक्रम की औपचारिक तैयारियों का शुभारंभ हो गया।
भूमि पूजन के साथ शुरू हुई तैयारियां
कायड़ विश्रामस्थली में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत तथा देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भडाणा सहित भाजपा के अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
भूमि पूजन के दौरान सभा स्थल पर मंच निर्माण, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और यातायात प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से आयोजित किया जाए।
व्यवस्थाओं का जायजा और दिशा-निर्देश
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सभा स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बड़ी संख्या में आने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। पेयजल, चिकित्सा सहायता, पार्किंग और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री की सभा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विकास और जनभागीदारी का प्रतीक होगी। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रशासन और संगठन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
ऐतिहासिक होने का दावा
देवनानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभाएं हमेशा जनउत्साह और ऊर्जा से भरी होती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अजमेर की यह सभा भी अभूतपूर्व होगी और इसमें बड़ी संख्या में लोग भाग लेकर विकास के संदेश को आगे बढ़ाएंगे।
उन्होंने कहा कि अजमेर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचेंगे। इसके लिए संगठन स्तर पर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
प्रशासन और संगठन की संयुक्त तैयारी
सभा के आयोजन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सभा स्थल के आसपास यातायात प्रबंधन की योजना तैयार की जा रही है, ताकि आमजन को असुविधा न हो।
साथ ही मंच, साउंड सिस्टम, एलईडी स्क्रीन और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण कर ली जाएं, ताकि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 28 फरवरी को प्रस्तावित अजमेर दौरा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कायड़ विश्रामस्थली में होने वाली सभा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं और इसे ऐतिहासिक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। भूमि पूजन के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि यह सभा कितनी बड़ी जनभागीदारी के साथ संपन्न होती है और किस प्रकार का संदेश देती है।


