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राजस्थान में 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम घटे, घरेलू गैस की कीमतें स्थिर

राजस्थान में 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम घटे, घरेलू गैस की कीमतें स्थिर

शोभना शर्मा।  देशभर में बढ़ती महंगाई के बीच व्यापारियों और होटल संचालकों के लिए मामूली राहत की खबर आई है। सरकारी तेल कंपनियों ने 1 नवंबर 2025 से राजस्थान में 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 5 रुपये की कटौती की है। यह राहत छोटी जरूर है, लेकिन लगातार तीसरे महीने सिलेंडर के दामों में गिरावट का सिलसिला जारी है। राजस्थान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दीपक गहलोत ने जानकारी दी कि नई रेट लिस्ट के अनुसार अब 19 किलो का कॉमर्शियल सिलेंडर 1,618.50 रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि पहले इसकी कीमत 1,623.50 रुपये थी। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

लगातार तीसरे महीने राहत का सिलसिला जारी

एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती का यह सिलसिला लगातार तीसरे महीने जारी है। सितंबर और अगस्त में भी कंपनियों ने दामों में कमी की थी। हालांकि, अक्टूबर 2025 में 15 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे व्यापारियों में असंतोष था। उससे पहले के महीनों में भारी राहत दी गई थी।

अब तक की प्रमुख कटौतियां (वर्ष 2025 में):

  • मई: 24.50 रुपये

  • अप्रैल: 40.50 रुपये

  • फरवरी: 6 रुपये

  • जनवरी: 14.50 रुपये

इन सभी कटौतियों को मिलाकर देखा जाए तो वर्ष 2025 के दौरान कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में अब तक कुल 230 रुपये से अधिक की कमी की जा चुकी है।

व्यापारियों को मिली राहत, होटल उद्योग में उम्मीद की किरण

राजस्थान में होटल, रेस्टोरेंट और खानपान से जुड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के लिए यह खबर राहत लेकर आई है। कई व्यापारियों ने बताया कि एलपीजी गैस की कीमतों में हर महीने की यह मामूली गिरावट उनके संचालन लागत को थोड़ा कम कर रही है। जयपुर, अजमेर और जोधपुर के होटल मालिकों ने कहा कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर पर लगातार घटती कीमतें आने वाले पर्यटन सीजन में खर्चों को संतुलित करने में मदद करेंगी। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक गहलोत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती इसके पीछे की प्रमुख वजह है।

घरेलू उपभोक्ताओं को नहीं मिली राहत

दूसरी ओर, घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह 856.50 रुपये प्रति सिलेंडर के भाव पर अपरिवर्तित बनी हुई है। राज्य सरकार की उज्ज्वला योजना और बीपीएल परिवारों को दी जा रही सब्सिडी से राहत जरूर मिल रही है। इन परिवारों को सब्सिडी के बाद सिलेंडर 600 से 650 रुपये में उपलब्ध हो रहा है। हालांकि, बिना सब्सिडी वाले उपभोक्ता अभी भी महंगाई का पूरा बोझ झेल रहे हैं। पिछले कई महीनों से घरेलू सिलेंडर के दामों में कोई कमी नहीं की गई है।

कीमतों की समीक्षा हर महीने की पहली तारीख को

सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी मुद्रा दरें और कर नीति जैसे कई कारक शामिल होते हैं। इस बार की समीक्षा में कंपनियों ने केवल कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में ही हल्की राहत दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में अगर कच्चा तेल 70 से 75 डॉलर प्रति बैरल के बीच स्थिर रहता है, तो और कटौती संभव है।

अंतरराष्ट्रीय कारक और तेल नीति का असर

अर्थशास्त्रियों के अनुसार, एलपीजी सिलेंडर की कीमतें सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर निर्भर करती हैं। पश्चिम एशिया में राजनीतिक स्थिरता, कच्चे तेल के निर्यात में सुधार और डॉलर इंडेक्स में गिरावट जैसी परिस्थितियों ने हाल के महीनों में राहत का माहौल बनाया है। भारत में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) तीन प्रमुख कंपनियां हैं जो हर महीने यह मूल्य समीक्षा करती हैं। इनकी रिपोर्ट के आधार पर ही नई दरें तय की जाती हैं।

पर्यटन सीजन में राहत का असर

राजस्थान में नवंबर से मार्च तक पर्यटन का प्रमुख सीजन शुरू होता है। इस दौरान होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट्स में गैस की खपत कई गुना बढ़ जाती है। व्यवसायियों का कहना है कि कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों में कमी से लागत पर सीधा असर पड़ेगा और सेवा की दरों को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जब तक घरेलू गैस के दामों में कमी नहीं होती, तब तक मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ बना रहेगा।

आगे क्या उम्मीद की जाए?

तेल क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि आने वाले दो महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें स्थिर रहने की संभावना है। ऐसे में दिसंबर या जनवरी में एक बार फिर एलपीजी के दामों में हल्की कमी देखी जा सकती है। हालांकि, यह भी संभव है कि सरकार सब्सिडी तंत्र में बदलाव कर घरेलू सिलेंडर पर कुछ राहत देने की घोषणा करे, जिससे उपभोक्ताओं का दबाव कम हो सके।

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