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पचपदरा रिफाइनरी को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी पूरी, उत्तर पश्चिम रेलवे ने भेजा प्रस्ताव

पचपदरा रिफाइनरी को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी पूरी, उत्तर पश्चिम रेलवे ने भेजा प्रस्ताव

शोभना शर्मा। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने पचपदरा रिफाइनरी को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठा लिया है। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से जुड़ी लगभग सभी तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और अब केवल अंतिम स्वीकृति की प्रक्रिया शेष है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल रेलवे के लिए, बल्कि पूरे राजस्थान के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।

डीआरएम त्रिपाठी रविवार को आयोजित ‘अमृत संवाद’ कार्यक्रम के दौरान मीडिया और स्थानीय प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने बताया कि पचपदरा रिफाइनरी से रेलवे नेटवर्क को जोड़ने के लिए आवश्यक सभी साइडिंग और कनेक्शन की जरूरतें रेलवे की ओर से पूरी की जाएंगी। इसके लिए संबंधित कंपनी को विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि रिफाइनरी से जुड़े पावर टर्मिनल, भूमि पट्टे, किराया समझौते और अन्य दायित्वों पर भी चर्चा पूरी कर ली गई है। परियोजना के लागू होने के बाद रिफाइनरी से माल ढुलाई में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे रेलवे की आमदनी बढ़ेगी और राज्य के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

त्रिपाठी ने बताया कि पचपदरा रिफाइनरी को रेलवे नेटवर्क से जोड़ना एक दीर्घकालिक निवेश है, जो आने वाले दशकों तक राजस्थान की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, साथ ही बारां, जोधपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।

कवच सिस्टम से होगा रेलवे नेटवर्क सुरक्षित

कार्यक्रम के दौरान डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने यह भी जानकारी दी कि उत्तर पश्चिम रेलवे अपने पूरे 5,500 किलोमीटर लंबे नेटवर्क को एंटी-कोलिजन ‘कवच’ सिस्टम से लैस कर रहा है। यह तकनीक ट्रेनों के बीच टक्कर की संभावना को लगभग समाप्त कर देती है। फिलहाल जोधपुर से जयपुर रेलमार्ग पर कवच सिस्टम लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। जल्द ही बीकानेर और अजमेर मंडलों में भी यह परियोजना शुरू की जाएगी।

त्रिपाठी ने बताया कि कवच सिस्टम के लागू होने के बाद यात्रियों की सुरक्षा में भारी सुधार होगा। इस तकनीक का उद्देश्य भारतीय रेल को और अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है।

देश की पहली हाई-स्पीड रेलवे टेस्टिंग ट्रैक नागौर में तैयार

डीआरएम ने कहा कि भारत अब हाई-स्पीड रेल तकनीक के नए युग में प्रवेश कर रहा है। नागौर जिले में बन रही देश की पहली हाई-स्पीड रेलवे टेस्टिंग ट्रैक पर तेजी से काम चल रहा है। यह ट्रैक 64 किलोमीटर लंबा होगा और यहां हाई-स्पीड, सेमी हाई-स्पीड और मेट्रो ट्रेनों की गति, स्थिरता और ब्रेकिंग सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारतीय रेलवे की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इस ट्रैक के तैयार होने के बाद भारत को जापान और फ्रांस जैसे देशों से हाई-स्पीड ट्रेनों की जांच के लिए विदेश नहीं भेजना पड़ेगा।

“अमृत संवाद” से मजबूत हो रहा नागरिक-रेल प्रशासन संवाद

डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि ‘अमृत संवाद’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रेल प्रशासन और नागरिकों के बीच प्रत्यक्ष संवाद की सशक्त कड़ी स्थापित करना है। इस माध्यम से यात्रियों की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचती हैं।

उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से “पंच प्रण” की भावना को साकार किया जा रहा है, ताकि भारतीय रेल को अधिक आधुनिक, स्वच्छ, यात्री-अनुकूल और जन-केंद्रित बनाया जा सके। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा और स्टेशन पर उपलब्ध सेवाओं में निरंतर सुधार रेलवे की प्राथमिकता है।

सेफ्टी सेमिनार और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम

संवाद कार्यक्रम के दौरान इंजीनियरिंग, ऑपरेटिंग, सिग्नल और यांत्रिक विभाग के रेलकर्मियों के साथ एक सुरक्षा सेमिनार का भी आयोजन किया गया। इसमें कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन, सतर्कता और सुरक्षित व्यवहार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। विभागीय अधिकारियों ने कर्मचारियों को रेल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के दिशा-निर्देश दिए।

स्टेशन पुनर्विकास और यात्री सुविधाओं पर चर्चा

इस कार्यक्रम में स्टेशन पुनर्विकास कार्य, स्वच्छता अभियान, स्टेशन के सौंदर्यीकरण और यात्री सुविधाओं में सुधार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जैसलमेर से जयपुर, दिल्ली और बीकानेर जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी ट्रेन कनेक्टिविटी की मांग रखी।

डीआरएम त्रिपाठी ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि कई प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रेलवे प्रशासन जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

स्थानीय प्रतिनिधियों की सहभागिता

कार्यक्रम का संचालन राजकुमार जोशी ने किया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र अवस्थी, ऋषि तेजवानी, अरुण पुरोहित, ओमप्रकाश, कमल ओझा, बाबूलाल शर्मा, सवाई सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। वहीं रेलवे की ओर से मंडल इंजीनियर विक्रम सिंह, सहायक वाणिज्य प्रबंधक सुरेंद्र सिंह, वरिष्ठ जनसंपर्क निरीक्षक पुरुषोत्तम परवाल, वाणिज्य निरीक्षक मानकाराम और विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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