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राजस्थान के चार शहरों में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की तैयारी

राजस्थान के चार शहरों में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की तैयारी

राजस्थान में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। प्रदेश के चार प्रमुख शहरों में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं को लेकर जयपुर में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू शामिल हुए।

बैठक में राज्य के डीग-कुम्हेर, सिरोही, सीकर और भिवाड़ी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की संभावनाओं का अध्ययन करने और आवश्यक प्रक्रियाएं आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। राज्य सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में हवाई अड्डे बनने से पर्यटन, उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

इस पहल को प्रदेश के विकास और कनेक्टिविटी के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों को हवाई नक्शे पर लाना है जो धार्मिक, पर्यटन और औद्योगिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं लेकिन अब तक सीधी हवाई सुविधा से वंचित रहे हैं।

पर्यटन और व्यापार को मिलेगा नया प्रोत्साहन

सरकार की योजना के अनुसार जिन चार स्थानों पर एयरपोर्ट विकसित करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है, वे अपने-अपने क्षेत्र में विशेष महत्व रखते हैं। सीकर जिला शेखावाटी क्षेत्र का प्रमुख केंद्र है और यहां खाटूश्यामजी तथा सालासर बालाजी जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल स्थित हैं। हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। यदि यहां एयरपोर्ट का निर्माण होता है तो श्रद्धालुओं को सीधी हवाई सुविधा मिल सकेगी और धार्मिक पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

सिरोही जिले का माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है और यह देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। वर्तमान में यहां पहुंचने के लिए पर्यटकों को सड़क या रेल मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। यदि सिरोही में एयरपोर्ट विकसित होता है तो माउंट आबू तक पर्यटकों की पहुंच आसान हो जाएगी और पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी।

डीग-कुम्हेर क्षेत्र ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। डीग को ‘महलों का शहर’ कहा जाता है और यह ब्रज क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। एयरपोर्ट बनने से ब्रज पर्यटन सर्किट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है।

भिवाड़ी औद्योगिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है और यह दिल्ली-एनसीआर के नजदीक स्थित है। यहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं। यदि भिवाड़ी में एयरपोर्ट का विकास होता है तो उद्योगों और निवेश को नई गति मिलेगी तथा व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विकास विजन

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं का विस्तार केवल पर्यटन के लिए ही नहीं बल्कि व्यापार, उद्योग और आपातकालीन परिस्थितियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना यानी आरसीएस उड़ान योजना के तहत अधिक से अधिक जिलों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। इस योजना के माध्यम से छोटे शहरों और कस्बों को भी हवाई सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सूरतगढ़ में सिविल एन्कलेव स्थापित करने और लालगढ़ हवाई पट्टी के विस्तार के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

उत्तरलाई एयरपोर्ट के विकास पर भी जोर

बैठक में बाड़मेर जिले के उत्तरलाई एयरपोर्ट के विकास को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यहां नए सिविल एन्कलेव और एप्रोच रोड के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जाए। सरकार का मानना है कि इस एयरपोर्ट के विकसित होने से पश्चिमी राजस्थान के लोगों को बेहतर हवाई सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही आपातकालीन स्थितियों में भी यह एयरपोर्ट एक महत्वपूर्ण विकल्प साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी विश्वास जताया कि हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से विदेशों में रहने वाले प्रवासी राजस्थानियों को भी अपने गृह क्षेत्रों तक पहुंचने में आसानी होगी।

लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री की अहम सलाह

बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि राजस्थान का भौगोलिक क्षेत्र बहुत बड़ा है और कई महत्वपूर्ण धार्मिक, शैक्षणिक और व्यापारिक केंद्र अभी भी बेहतर हवाई सेवाओं से नहीं जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नए घरेलू एयरपोर्ट विकसित किए जाने चाहिए ताकि लोगों की आवाजाही आसान हो सके।

वहीं केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने सुझाव दिया कि राजस्थान में एक स्वतंत्र नागरिक उड्डयन निदेशालय का गठन किया जाना चाहिए। उनके अनुसार यदि राज्य में एक स्वतंत्र संस्थागत व्यवस्था होगी तो हवाई सेवाओं के संचालन, प्रबंधन और विस्तार में तेजी लाई जा सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर प्रदेश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

केंद्र और राज्य के समन्वय का उदाहरण

जयपुर में आयोजित यह बैठक केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण मानी जा रही है। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष विपिन कुमार और नागरिक उड्डयन विभाग के प्रमुख शासन सचिव नवीन जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में राजस्थान में हवाई सेवाओं के विस्तार, नए एयरपोर्ट के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

सरकार का मानना है कि यदि इन योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया गया तो राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और प्रदेश पर्यटन, उद्योग तथा व्यापार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकेगा। आने वाले समय में इन प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजनाओं की व्यवहार्यता रिपोर्ट और अन्य प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इन योजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए जाएंगे।

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