मनीषा शर्मा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 4 दिसंबर को लोकसभा में दिए अपने लिखित उत्तर में कहा कि यदि GST परिषद स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसियों पर GST दर में कमी की सिफारिश करती है, तो इसका सीधा लाभ पॉलिसी धारकों को मिल सकता है। वर्तमान में बीमा प्रीमियम पर 18% GST लागू होता है। यदि इसमें कटौती होती है, तो यह बीमा की लागत को कम करने में मदद कर सकता है।
GST परिषद का रुख
GST परिषद ने 9 सितंबर 2023 को हुई अपनी बैठक में जीवन और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों पर GST दरों की समीक्षा के लिए एक मंत्री-समूह (GoM) का गठन किया। इस समूह की पहली बैठक 19 अक्टूबर को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई थी। मंत्री-समूह ने वरिष्ठ नागरिकों और टर्म लाइफ बीमा पॉलिसियों के लिए GST छूट की सिफारिश पर सहमति जताई। इसके साथ ही, 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा कवर पर GST छूट का प्रस्ताव है। हालांकि, 5 लाख रुपये से अधिक कवर वाली पॉलिसियों पर 18% GST जारी रह सकता है।
बीमा प्रीमियम पर GST दर का मौजूदा प्रभाव
GST की मौजूदा दरें:
वर्तमान में, जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर 18% GST लगाया जाता है। यह दर बीमा की कुल लागत को बढ़ा देती है। उदाहरण के लिए:
- अगर किसी पॉलिसी का वार्षिक प्रीमियम ₹10,000 है, तो इस पर ₹1,800 अतिरिक्त GST देना होता है।
- महंगे प्लान्स के मामले में यह लागत और अधिक बढ़ जाती है।
GST से सरकार का राजस्व:
वित्तीय वर्ष 2023-24 में, जीवन और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों से केंद्र और राज्य सरकारों ने कुल ₹16,398 करोड़ GST जमा किया।
- जीवन बीमा से ₹8,135 करोड़
- स्वास्थ्य बीमा से ₹8,263 करोड़
- पुनर्बीमा से ₹2,045 करोड़
यह स्पष्ट करता है कि बीमा क्षेत्र में GST सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत है।
GST में कटौती का संभावित लाभ
बीमा की लागत में कमी:
GST दर में कटौती से बीमा प्रीमियम पर लगने वाला अतिरिक्त शुल्क कम हो जाएगा, जिससे पॉलिसी धारकों को सीधे राहत मिलेगी।
बीमा कवरेज बढ़ने की संभावना:
कम लागत वाले बीमा प्लान्स से अधिक लोग बीमा खरीदने के लिए प्रेरित हो सकते हैं, जिससे देश में बीमा कवरेज बढ़ेगा। वर्तमान में, भारत में बीमा कवरेज अभी भी वैश्विक मानकों की तुलना में काफी कम है।
उद्योग में प्रतिस्पर्धा:
GST में कटौती के बाद, बीमा कंपनियां प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण के जरिए उपभोक्ताओं को और आकर्षित करने की कोशिश करेंगी। इससे बीमा बाजार में नवाचार और बेहतर सेवाएं मिलने की संभावना है।
सरकार का दृष्टिकोण
GST दर में कटौती के लिए शर्तें:
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण सुनिश्चित करेगा कि GST में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि GST परिषद 21 दिसंबर 2023 को जैसलमेर में होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करेगी।
बीमा कंपनियों की जिम्मेदारी:
सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि GST में कटौती का लाभ बीमा कंपनियां पॉलिसी धारकों को दें, न कि अपनी लागतों को पूरा करने के लिए प्रीमियम बढ़ाएं।
मंत्री-समूह की सिफारिशें
मंत्री-समूह ने निम्नलिखित सिफारिशें दी हैं:
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष राहत:
- वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर GST में छूट दी जा सकती है।
- इससे वरिष्ठ नागरिकों के लिए बीमा की लागत कम होगी।
- टर्म लाइफ बीमा पर GST में छूट:
- टर्म लाइफ प्लान्स, जिनमें सिर्फ सुरक्षा कवरेज होता है, को GST से छूट देने पर सहमति बनी है।
- 5 लाख तक के स्वास्थ्य बीमा कवर:
- 5 लाख रुपये तक के कवरेज वाली पॉलिसियों के लिए GST छूट का प्रस्ताव है।
- 5 लाख से अधिक कवर पर GST जारी रहेगा:
- महंगे स्वास्थ्य बीमा प्लान्स पर 18% GST लागू रहेगा।
आने वाले समय में बीमा क्षेत्र पर प्रभाव
बीमा पॉलिसी धारकों के लिए:
GST में कटौती का सीधा लाभ पॉलिसी धारकों को होगा। खासकर, मध्यम वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों को राहत मिलेगी।
बीमा उद्योग के लिए:
GST दरों में कटौती से बीमा उद्योग में अधिक निवेश और नवाचार देखने को मिल सकता है। इससे भारत में बीमा क्षेत्र का विकास तेज होगा।
सरकार के लिए:
हालांकि GST में कटौती से सरकार के राजस्व में कमी आ सकती है, लेकिन बीमा कवरेज में वृद्धि और आर्थिक विकास के दीर्घकालिक लाभ इस कमी को पूरा कर सकते हैं।
चुनौतियां और संभावनाएं
चुनौतियां:
- राजस्व में कमी: बीमा GST से मिलने वाला ₹16,398 करोड़ राजस्व का हिस्सा कम हो सकता है।
- बीमा कंपनियों की भूमिका: यह सुनिश्चित करना चुनौती होगी कि कंपनियां GST कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को दें।
संभावनाएं:
- अधिक कवरेज: सस्ते बीमा प्लान्स से अधिक लोग बीमा खरीदेंगे।
- स्वास्थ्य सेवा में सुधार: स्वास्थ्य बीमा सस्ता होने से लोगों की पहुंच में सुधार होगा।
स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर GST दरों में कटौती से बीमा प्रीमियम की लागत कम होने की संभावना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, यदि GST परिषद इस पर सकारात्मक निर्णय लेती है, तो इससे न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी बल्कि बीमा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और कवरेज में वृद्धि होगी। आने वाले समय में GST परिषद की बैठक से जुड़े निर्णय बीमा उद्योग के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


