शोभना शर्मा। आगामी 10 दिसंबर को जयपुर में आयोजित होने वाले ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस 2025’ में देश और विदेश के प्रमुख उद्योगपति शामिल होंगे। इस आयोजन के दौरान राजस्थान के औद्योगिक विकास, निवेश संभावनाओं और भविष्य की जरूरतों पर केंद्रित एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रवासी राजस्थानी समुदाय के अनुभव और वैश्विक दृष्टिकोण को राज्य के औद्योगिक ढांचे से जोड़ना है, ताकि दीर्घकालिक साझेदारी और विकास को नई दिशा मिल सके।
“औद्योगिक बदलाव” थीम पर होगा मुख्य सत्र
यह विशेष सत्र “प्रवासी राजस्थानी समुदाय के सहयोग से राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य में बदलाव” विषय पर आधारित होगा। सत्र में वे उद्योगपति शामिल होंगे जिन्होंने भारत और विदेशों में अपने काम से औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
इसमें हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बार, जेके सीमेंट लिमिटेड के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ माधव सिंघानिया, वेलस्पन इंडिया की सीईओ दीपाली गोयनका, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के संस्थापक संजय अग्रवाल तथा बोरोसिल के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन प्रदीप कुमार खेरुका प्रमुख रूप से शामिल होने जा रहे हैं।
औद्योगिक विज़न को मिलेगी नई दिशा
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव आलोक गुप्ता ने बताया कि इन दिग्गज उद्यमियों की भागीदारी राज्य के साथ उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस सत्र से राजस्थान के औद्योगिक विज़न को नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा प्राप्त होगी।
आलोक गुप्ता के अनुसार, चर्चा में उभरते औद्योगिक ट्रेंड्स, वैश्विक प्रतिस्पर्धा, सतत विकास मॉडल और निवेश के नए अवसरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस मंच पर विशेषज्ञ राजस्थान के औद्योगिक इकोसिस्टम की संभावनाओं और चुनौतियों पर भी विचार साझा करेंगे।
संबंधों और साझेदारी का उत्सव
प्रवासी राजस्थानी दिवस को केवल एक सम्मेलन के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे राजस्थान और प्रवासी समुदाय के बीच मजबूत संबंधों का उत्सव माना जा रहा है। इस आयोजन का मकसद प्रवासी राजस्थानियों को राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि निवेश, नवाचार और औद्योगिक विविधीकरण को प्रोत्साहन मिल सके।
राज्य सरकार का मानना है कि यह मंच राजस्थान को एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस आयोजन से उम्मीद है कि नए निवेश, उन्नत तकनीकी सहयोग और दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारी को आधार मिलेगा।
औद्योगिक इकोसिस्टम को मिलेगी मजबूती
आयोजन से जुड़ी तैयारियों पर नजर डालें तो यह स्पष्ट है कि राजस्थान सरकार औद्योगिक क्षेत्र में नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए गंभीर है। प्रवासी उद्योगपतियों की भागीदारी से राज्य के औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।


