राजस्थान में लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर राजनीतिक घमासान गहराता जा रहा है। मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों की आवाज तय करने के मुद्दे पर राज्य की राजनीति गरमा गई है। यह विवाद अब विधानसभा से लेकर सड़कों तक पहुंच गया है, जहां सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने तर्कों के साथ आमने-सामने दिख रहे हैं।
डोटासरा का बड़ा बयान: “आचार्य की सदस्यता रद्द होनी चाहिए”
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मुद्दे पर बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि—
आचार्य की विधानसभा सदस्यता रद्द की जानी चाहिए
भविष्य में उन्हें चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए
उनके बयान समाज में तनाव फैलाने वाले हैं
डोटासरा ने कहा कि लाउडस्पीकर विवाद से जुड़े वीडियो और बयान ही सच उजागर कर देंगे।
विधानसभा में हंगामा, सरकार-विपक्ष आमने-सामने
मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों को लेकर विधानसभा में भी जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर लाउडस्पीकर से जुड़ी नियमावली के पालन में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। वहीं सरकार की ओर से डोटासरा और गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने गाइडलाइन का हवाला देते हुए स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की।
गृह राज्यमंत्री बेढम का बयान: “नियम सभी पर लागू, उल्लंघन पर कार्रवाई होगी”
गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि लाउडस्पीकरों की आवाज कितनी होनी चाहिए, इसके लिए समय-समय पर गाइडलाइन जारी की गई हैं। उन्होंने कहा—
नियम सभी सरकारों के समय बने हैं
उसी के अनुसार पालना कराई जाएगी
किसी भी धार्मिक स्थल पर यदि लाउडस्पीकर नियमों का उल्लंघन करते हुए तेज आवाज में चल रहे हैं, तो कार्रवाई होगी
हवामहल विधायक द्वारा उठाए गए मुद्दे पर प्रशासन ध्यान देगा
बेढम ने यह भी कहा कि क्षेत्र में जहां-जहां ध्वनि विस्तारक यंत्रों के दुरुपयोग की शिकायतें हैं, वहां आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


