राजस्थान की राजनीति में इन दिनों बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी का एक बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। अल्पसंख्यक समाज को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद प्रदेश की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है। भाटी के बयान पर विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय ने नाराज़गी जाहिर की है और इसे समुदाय का अपमान बताया है।
दरअसल, एक कार्यक्रम के दौरान रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि उन्हें अल्पसंख्यक समाज ने वोट नहीं दिया, इसके बावजूद वह उनकी बात करते हैं और उनके मुद्दों को उठाते हैं। इस बयान के सामने आने के बाद शिव विधानसभा क्षेत्र के मुस्लिम समाज के लोगों में नाराज़गी बढ़ गई है। उनका कहना है कि विधायक का यह बयान वास्तविकता से दूर है और इससे समुदाय का मज़ाक बनाया गया है।
मुस्लिम समाज ने जताई कड़ी नाराज़गी
शिव विधानसभा क्षेत्र के मुस्लिम समाज के कई लोगों का आरोप है कि रविंद्र सिंह भाटी का बयान तथ्यों के विपरीत है। उनका कहना है कि विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में मुस्लिम मतदाताओं ने उन्हें समर्थन दिया था। समुदाय के लोगों का दावा है कि दर्जनों गांवों में मुस्लिम मतदाताओं ने भाटी को वोट दिया, जिसके चलते ही वह चुनाव जीत पाए।
मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि अल्पसंख्यक समाज का समर्थन नहीं मिलता तो भाटी का विधानसभा तक पहुंचना मुश्किल होता। ऐसे में विधायक का यह कहना कि उन्हें मुस्लिम समाज ने वोट नहीं दिया, समुदाय के लोगों को आहत करने वाला बयान है। उनका यह भी कहना है कि सदन में इस तरह की बात कहना अल्पसंख्यक समाज का उपहास उड़ाने जैसा है।
कांग्रेस नेता ने भी उठाए सवाल
इस पूरे विवाद पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कांग्रेस नेता फतेह खान ने रविंद्र सिंह भाटी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने विधानसभा में मुस्लिम समाज का उपहास किया है। फतेह खान का आरोप है कि भाटी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा के करीब रहे हैं और अब इस तरह के बयान देकर भाजपा में अपनी एंट्री का रास्ता तलाश रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भाटी के इस बयान के बाद मुस्लिम मतदाताओं में नाराज़गी है और उन्हें यह महसूस हो रहा है कि उनके साथ राजनीतिक रूप से धोखा हुआ है। कांग्रेस नेता का कहना है कि समाज को लेकर इस तरह के बयान राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित कर सकते हैं।
विवाद बढ़ने पर भाटी ने दी सफाई
मामले के तूल पकड़ने के बाद रविंद्र सिंह भाटी ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके लिए शिव विधानसभा क्षेत्र का हर व्यक्ति उनके परिवार का सदस्य है। उन्होंने यह भी कहा कि वह सभी समाजों के लिए समान रूप से काम करते हैं और किसी के साथ भेदभाव नहीं करते।
भाटी ने यह स्वीकार किया कि उन्हें इस बात का दुख है कि अल्पसंख्यक समाज का अपेक्षित समर्थन उन्हें नहीं मिला। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसके बावजूद वह क्षेत्र के हर व्यक्ति के लिए काम करते रहेंगे और सभी समुदायों के मुद्दों को उठाते रहेंगे।
2023 के चुनाव में मिली थी करीबी जीत
गौरतलब है कि वर्ष 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में रविंद्र सिंह भाटी ने शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला था और भाटी ने बेहद कम अंतर से जीत दर्ज की थी।
आंकड़ों के अनुसार भाटी ने यह चुनाव महज 3950 वोटों के अंतर से जीता था। शिव विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या काफी अधिक मानी जाती है, इसलिए राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिना अल्पसंख्यक वोटों के इस सीट पर जीत हासिल करना बेहद कठिन होता है।
बताया जाता है कि कुछ ऐसे गांव भी हैं जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 90 प्रतिशत से अधिक है और इन गांवों से भी भाटी को हजारों वोट मिले थे। ऐसे में भाटी का बयान राजनीतिक रूप से विवाद का कारण बन गया है।
सियासी सफर पर पड़ सकता है असर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बयान के कारण रविंद्र सिंह भाटी के राजनीतिक सफर पर असर पड़ सकता है। शिव विधानसभा क्षेत्र सामाजिक और जातीय समीकरणों के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में किसी भी समुदाय को लेकर दिया गया बयान राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
वर्तमान में यह मुद्दा केवल एक बयान तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह प्रदेश की राजनीति में एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि भाटी इस विवाद से कैसे निकलते हैं और क्या वह मुस्लिम समाज की नाराज़गी को कम करने में सफल हो पाते हैं या नहीं।


