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PM ने जल जीवन मिशन में गड़बड़ी पर कसा शिकंजा, 7 राज्यों के ठेकेदारों पर 129 करोड़ का जुर्माना

PM ने जल जीवन मिशन में गड़बड़ी पर कसा शिकंजा, 7 राज्यों के ठेकेदारों पर 129 करोड़ का जुर्माना

मनीषा शर्मा।  देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल शक्ति मंत्रालय और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जल जीवन मिशन (JJM) में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी बर्दाश्त न किया जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना देश के हर घर को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण मिशन है, ऐसे में किसी भी अधिकारी या ठेकेदार द्वारा की गई गड़बड़ी राष्ट्रीय हित के खिलाफ है। इसीलिए दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया है कि भारत सरकार इस योजना को अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की नीयत से चला रही है, इसलिए इससे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की जवाबदेही तय होनी चाहिए। सरकार ने संसद में भी साफ कर दिया है कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह अधिकारी हो या ठेकेदार—ढिलाई या अनियमितता पाए जाने पर छोड़ा नहीं जाएगा।

सात राज्यों में ठेकेदारों पर 129 करोड़ का जुर्माना

जल शक्ति मंत्रालय द्वारा की गई जांच के बाद सात राज्यों—गुजरात, तमिलनाडु, त्रिपुरा, असम, महाराष्ट्र, कर्नाटक और राजस्थान—में ठेकेदारों पर कुल 129 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। इनमें से लगभग 12.95 करोड़ रुपए पहले ही वसूले जा चुके हैं

सबसे ज्यादा वसूली गुजरात और राजस्थान में

  • गुजरात: 120.65 करोड़ रुपए

  • राजस्थान: 5.34 करोड़ रुपए

अन्य राज्यों में भी जुर्माने और सुधारात्मक कार्रवाई जारी है। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में जिन 119 मामलों की जांच हुई, उनमें 113 मामलों में 0.1% से 10% तक परिसमाप्त क्षतिपूर्ति लगाई गई है। कुछ मामलों में ठेकेदारों की जिम्मेदारी का दायरा भी कम किया गया।

20 राज्यों में भारी कार्रवाई, 62 विभागों पर शिकंजा

अब तक 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी कार्रवाई रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी है। इसके अनुसार:

  • 20 राज्यों में 62 विभागों के अधिकारियों पर कार्रवाई

  • 969 ठेकेदारों के खिलाफ दंडात्मक कदम

  • 153 थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसियों (TPIAs) पर भी कार्रवाई

  • 607 मामलों में कार्रवाई पूर्ण

  • 20 अधिकारियों, 10 ठेकेदारों और 1 TPIA के खिलाफ FIR दर्ज

इन राज्यों में गुजरात, राजस्थान, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लद्दाख, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, ओडिशा, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब शामिल हैं। सरकार के अधिकारियों के अनुसार, यह अब तक की सबसे बड़ी केंद्रीकृत कार्रवाई है, जो जल जीवन मिशन को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

राजस्थान का JJM घोटाला और पूर्व मंत्री महेश जोशी पर कार्रवाई

राजस्थान में जल जीवन मिशन का भ्रष्टाचार मामला काफी समय तक चर्चा में रहा है। PHED विभाग में लगभग 900 करोड़ रुपए के कथित भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था। यह मामला पूर्व मंत्री महेश जोशी के कार्यकाल से जुड़ा बताया गया था। इस मामले में महेश जोशी को गिरफ्तार किया गया।  उनके कई करीबी अधिकारियों पर ED और ACB ने छापेमारी की।  अभी तक 1 पूर्व मंत्री, 10 अधिकारी, 8 ठेकेदार और 1 पुलिस अधिकारी गिरफ्तार हो चुके हैं।  जोशी पिछले छह महीनों से जेल में हैं, और जांच अभी भी जारी है।

सरकार का संदेश: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि जल जीवन मिशन जैसी संवेदनशील योजना में किसी भी गड़बड़ी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि 2024-25 तक देश के प्रत्येक घर में स्वच्छ पीने का पानी पहुंचे। ऐसे में गलत काम करने वालों पर न सिर्फ जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। मंत्रालय के अनुसार, जांच प्रक्रिया तेज की जा रही है और राज्यों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी संदेहास्पद मामले की रिपोर्ट तुरंत भेजी जाए।

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