राजस्थान के सीकर जिले के प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर में इस बार का फाल्गुन मेला लाखों भक्तों को आकर्षित करने जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले के लिए व्यवस्थाएँ पहले से अधिक सुदृढ़ और आधुनिक तकनीक पर आधारित होंगी। फाल्गुन लक्खी मेला के नाम से प्रसिद्ध यह आयोजन 21 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। यह वह समय है जब देशभर से श्रद्धालु “हारे का सहारा” खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए उमड़ते हैं। मेले की तैयारियों को देखते हुए प्रशासन, मंदिर समिति और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर व्यापक प्रबंध कर रही हैं।
खाटू श्याम मेला कब है?
इस वर्ष खाटू श्याम का फाल्गुन मेला 21 फरवरी 2026 (शनिवार) से शुरू होकर 28 फरवरी 2026 (शनिवार) तक आयोजित होगा। यह मेला फाल्गुन मास में आयोजित होने के कारण विशेष महत्व रखता है। इस दौरान मंदिर परिसर में निशान यात्रा, भजन संध्या, विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। भक्त श्याम बाबा के दर्शन के लिए रातभर कतार में खड़े रहते हैं और अपनी मनोकामनाएं लेकर दर्शन करते हैं।
खाटू श्याम मंदिर का धार्मिक महत्व
सीकर जिले के शांत और दिव्य वातावरण वाले गाँव खाटू में स्थित यह मंदिर भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में गिना जाता है। मान्यता है कि खाटू श्याम जी महाभारत के योद्धा बर्बरीक का ही रूप हैं, जिन्हें भगवान कृष्ण ने वरदान दिया था कि कलयुग में वे “श्री श्याम” के रूप में पूजे जाएंगे। इसी वजह से उन्हें “हारे का सहारा” कहा जाता है और भक्त अपनी हर मनोकामना लेकर यहां पहुंचते हैं। फाल्गुन मेला इस आस्था का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।
इस बार मेले में नई व्यवस्थाएं
भीड़, सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा कई बड़े परिवर्तन और इंतजाम किए गए हैं।
1. भक्ति मार्ग और अलग प्रवेश–निकास रूट
प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए विशाल भक्ति मार्ग तैयार किया है। श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग होंगे ताकि भीड़ का दबाव एक ही दिशा में न पड़े।
2. सीसीटीवी और सुरक्षा बलों की तैनाती
पूरे मेला क्षेत्र को अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों से कवर किया गया है। इसके अलावा अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी, होमगार्ड और पुलिस बल तैनात रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति का तुरंत सामना किया जा सके।
3. VIP दर्शन की व्यवस्था समाप्त
इस बार एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रशासन ने VIP दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह खत्म कर दी है। इसका उद्देश्य यह है कि सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर मिले और कोई भी सुविधा केवल विशेष लोगों तक सीमित न रहे।
दिल्ली–जयपुर से खाटू तक आने की विशेष व्यवस्थाएं
खाटू श्याम के लिए विशेष ट्रेनें
भारतीय रेलवे ने फाल्गुन मेले में भक्तों की भीड़ को देखते हुए विशेष ट्रेन सेवाएं शुरू की हैं। मुख्य रूट इस प्रकार हैं:
कुरुक्षेत्र से फुलेरा विशेष ट्रेन
फुलेरा से दिल्ली सराय रोहिल्ला विशेष ट्रेन
इसके साथ ही मेला अवधि में रिंगस स्टेशन पर हर 20 मिनट में ट्रेन उपलब्ध करवाने की योजना बनाई गई है, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार न करना पड़े।
दिल्ली–जयपुर से बस रूट
राजस्थान रोडवेज ने भी अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया है।
दिल्ली से खाटू के लिए नियमित बसें हीरापुरा और अन्य डिपो से चलेंगी।
जयपुर से अजमेर रोड स्थित नए बस स्टैंड से खाटू धाम के लिए विशेष बसें उपलब्ध रहेंगी।
जयपुर से रींगस तक पहुंचकर वहां से स्थानीय बसें या साझा टैक्सियों से खाटू पहुंचना आसान रहेगा।
मेले का आनंद और भक्ति वातावरण
फाल्गुन मेला अपने धार्मिक उत्साह, भजन-कीर्तन और भक्ति से भरे माहौल के कारण अद्वितीय माना जाता है। हजारों भक्त निशान यात्रा में शामिल होकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। एकादशी के दिन मेला अपने चरम पर होता है, जब भक्त पूरी रात मंदिर परिसर में भजन, कीर्तन और दर्शन के लिए जुटे रहते हैं।
इस बार मेले से बड़ी उम्मीदें
कोविड के बाद अब लगातार मेले की भव्यता और भी बढ़ गई है। प्रशासन का दावा है कि इस वर्ष भी भक्तों को सुचारू, सुरक्षित और सुविधाजनक दर्शन सुनिश्चित किए जाएंगे। विस्तृत प्रबंधों के साथ यह मेला राजस्थान का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बनने जा रहा है।


