मनीषा शर्मा। राजस्थान की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में नकल पर सख्ती के बीच जयपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चपरासी भर्ती परीक्षा में स्मार्टवॉच का इस्तेमाल कर पेपर बाहर भेजने वाले एक इंजीनियर को पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ लिया। अशोक नगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से स्मार्टवॉच और वॉट्सऐप के जरिए पेपर भेजने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल भी जब्त कर लिया है।
इंजीनियर निकला नकलबाज
अशोक नगर थाना अधिकारी किशन कुमार ने बताया कि आरोपी की पहचान रवि झाझरिया (25) निवासी खंडेला, सीकर के रूप में हुई है। आरोपी वर्तमान में मुरलीपुरा स्थित आईएएस कॉलोनी में परिवार के साथ रहता है और उसने बीटेक (इंजीनियरिंग) की डिग्री हासिल कर रखी है। रवि का परीक्षा केंद्र जयपुर के अशोक नगर स्थित महात्मा गांधी गवर्नमेंट स्कूल में लगाया गया था।
परीक्षा में स्मार्टवॉच से फोटो खींची
पुलिस के अनुसार, आरोपी रवि परीक्षा देने पहली पारी में सुबह केंद्र पर पहुंचा। उसने अंडरगारमेंट्स में स्मार्टवॉच छिपा रखी थी। करीब 10:30 बजे परीक्षा के दौरान उसने स्मार्टवॉच के कैमरे से प्रश्न पत्र की फोटो खींची और तुरंत वॉट्सऐप के जरिए बाहर भेज दिया। उसके संदिग्ध हावभाव को देखते हुए निरीक्षकों को शक हुआ और उसकी तलाशी ली गई।
तलाशी में स्मार्टवॉच बरामद हुई और जांच करने पर साफ हुआ कि उसने परीक्षा हॉल से प्रश्न पत्र बाहर भेजा था। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और आरोपी को राउंडअप कर लिया गया।
पुलिस ने की कार्रवाई
अशोक नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी इंजीनियर रवि झाझरिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने न केवल स्मार्टवॉच बल्कि उसके घर से वह मोबाइल फोन भी जब्त किया, जिसके जरिए उसने वॉट्सऐप पर प्रश्न पत्र भेजा था। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि उसने प्रश्न पत्र किसे और किस उद्देश्य से भेजा।
परीक्षा की विश्वसनीयता पर असर
इस घटना से राजस्थान की भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। राज्य सरकार और पुलिस लगातार सख्ती बरतने के दावे करती रही है, लेकिन इसके बावजूद नकल के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। पहले जहां ब्लूटूथ और माइक जैसे उपकरणों का इस्तेमाल होता था, अब परीक्षार्थी स्मार्टवॉच और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लेने लगे हैं।
“मुन्नाभाई” पकड़ाने से बढ़ी चिंता
इस मामले ने परीक्षाओं में नकल के “मुन्नाभाई” गैंग की सक्रियता की ओर इशारा किया है। आरोपी रवि झाझरिया का बीटेक होना और फिर चपरासी जैसी परीक्षा में शामिल होना कई सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अक्सर ऐसे परीक्षार्थी संगठित नकल गिरोह का हिस्सा होते हैं, जो बड़े स्तर पर पेपर सॉल्विंग और नकल कराने का धंधा करते हैं।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा का प्रश्न पत्र किसे भेजा गया था और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां इस घटना के तार अन्य जिलों और परीक्षा केंद्रों से भी जोड़कर देख रही हैं।


