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सीकर में पटवारी सुनील कुमार 3 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

सीकर में पटवारी सुनील कुमार 3 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

मनीषा शर्मा।  राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) लगातार भ्रष्टाचारियों पर नकेल कस रही है। राज्य के अलग-अलग जिलों में पिछले कुछ महीनों से एसीबी की लगातार कार्रवाई के बाद भी भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसका ताजा उदाहरण सीकर जिले से सामने आया है, जहां एसीबी की टीम ने पटवार मंडल खांडेलसर में तैनात पटवारी सुनील कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी पटवारी भूमि नामांतरण (नामजदगी) की प्रक्रिया पूरी करने के बदले 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर रहा था। एसीबी ने शिकायत की पुष्टि करने के बाद कार्रवाई करते हुए पटवारी को उस समय दबोच लिया जब वह 3 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा था।

शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई

एसीबी सीकर कार्यालय के एसीपी विजय कुमार ने बताया कि परिवादी ने कार्यालय में उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई थी कि पटवारी सुनील कुमार भूमि नामांतरण के नाम पर 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। शिकायतकर्ता का कहना था कि वह पिछले कई दिनों से पटवारी द्वारा परेशान किया जा रहा है और कार्य तभी करने का आश्वासन दिया जा रहा है जब वह रिश्वत देगा। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी ने इसकी जांच शुरू की और तस्दीक (सत्यापन) की प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान पटवारी ने शिकायतकर्ता से 6 हजार रुपए ले लिए।

जाल बिछाकर पटवारी ट्रैप

सत्यापन पूरा होने के बाद एसीबी टीम ने पटवारी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। सोमवार, 18 अगस्त को जैसे ही शिकायतकर्ता ने पटवारी सुनील कुमार को 3 हजार रुपए दिए, एसीबी की टीम ने मौके पर दबिश दी और उसे रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद आरोपी पटवारी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। एसीबी का कहना है कि अब उससे और भी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह पहले भी कितने लोगों से इस तरह रिश्वत ले चुका है।

एसीबी की लगातार कार्रवाई और असर

राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने हाल के दिनों में दर्जनों पटवारियों और सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बावजूद इसके भ्रष्टाचार की प्रवृत्ति पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग पा रहा है। पटवारी जैसे राजस्व विभाग के कर्मचारी सीधे जनता से जुड़े होते हैं और भूमि नामांतरण, रिकॉर्ड सुधार और खसरा-खतौनी से जुड़ी प्रक्रियाओं में उनका महत्वपूर्ण रोल रहता है। ऐसे में आमतौर पर किसान और ग्रामीण इनके भ्रष्टाचार का सबसे ज्यादा शिकार होते हैं।

सीकर में एसीबी की सख्ती

सीकर जिले में यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार राजस्व विभाग के कर्मचारी और अधिकारी रिश्वत लेते पकड़े जा चुके हैं। एसीबी की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से साफ है कि भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अब किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। एसीपी विजय कुमार ने कहा कि शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है और जनता से अपील है कि वे भ्रष्टाचार की किसी भी घटना को छिपाएं नहीं, बल्कि एसीबी को सूचित करें।

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