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नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द, CBSE के फैसले का पेरेंट्स ने किया विरोध

नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द, CBSE के फैसले का पेरेंट्स ने किया विरोध

जयपुर के प्रतिष्ठित नीरजा मोदी स्कूल में कक्षा चार की छात्रा अमायरा की मौत के मामले में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बड़ा कदम उठाया है। जांच के बाद सीबीएसई ने स्कूल की कक्षा 9 से 12वीं तक की मान्यता फिलहाल रद्द कर दी है। इस फैसले के बाद न केवल स्कूल प्रबंधन बल्कि वहां पढ़ने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों में भी गहरी चिंता और असमंजस की स्थिति बन गई है।

सीबीएसई की कार्रवाई के बाद अब राजस्थान का शिक्षा विभाग भी इस मामले में स्कूल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सकता है। शिक्षा विभाग ने नीरजा मोदी स्कूल को 6 जनवरी को तलब किया है और मामले में जवाब मांगा है। माना जा रहा है कि विभागीय जांच के बाद स्कूल की मान्यता और संचालन को लेकर आगे के निर्णय लिए जा सकते हैं।

पेरेंट्स में नाराजगी, फैसले के खिलाफ प्रदर्शन

सीबीएसई के इस फैसले के बाद स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक विरोध में उतर आए हैं। उनका कहना है कि मान्यता रद्द होने का सीधा असर उनके बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा। अचानक से बच्चों को दूसरे स्कूलों में स्थानांतरित करने की स्थिति बन रही है, जिससे वे मानसिक तनाव में हैं।

इसी विरोध के तहत सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे कई अभिभावक नीरजा मोदी स्कूल के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। अभिभावकों की मांग है कि सीबीएसई अपने फैसले पर पुनर्विचार करे और इस मामले में बच्चों को सजा न दी जाए। उनका कहना है कि जांच और कार्रवाई स्कूल प्रबंधन के खिलाफ होनी चाहिए, न कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाए।

‘स्कूल बदलने की बात से बच्चे असहज हैं’

स्कूल में कक्षा 11 में पढ़ने वाली छात्रा की मां दीपा ने कहा कि एक बच्चे की आत्महत्या के मामले में पूरे स्कूल की मान्यता रद्द करना गलत फैसला है। उन्होंने बताया कि स्कूल बदलने की बात से बच्चे मानसिक रूप से सहज नहीं हो पा रहे हैं। वे लंबे समय से इसी स्कूल के माहौल में पढ़ रहे हैं और यहां के शिक्षकों के साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव है।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बच्चों को इस तरह अचानक दूसरे स्कूलों में भेजना सही है। जिन स्कूलों में बच्चों को भेजने की बात की जा रही है, वहां सभी सुरक्षा मानकों और दिशा-निर्देशों की पूरी पालना हो रही है या नहीं, यह भी एक बड़ा सवाल है। उनका कहना है कि यदि किसी स्कूल में सुरक्षा से जुड़ी कमियां हैं तो सीबीएसई को समय-सीमा तय कर सुधार के निर्देश देने चाहिए, न कि बच्चों को जबरन स्कूल बदलने के लिए मजबूर किया जाए।

अमायरा के पिता ने स्कूल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

इस पूरे मामले में अमायरा के पिता विजय ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के बाद स्कूल अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय बच्चों और अभिभावकों को आगे कर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है।

विजय का कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद अब तक स्कूल प्रबंधन या प्रिंसिपल ने उनसे संपर्क करने की कोशिश तक नहीं की। न तो संवेदना जताई गई और न ही यह जानने का प्रयास किया गया कि आखिर चूक कहां हुई।

शिक्षा विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग

अमायरा के पिता ने राजस्थान शिक्षा विभाग से भी इस मामले की गंभीरता को समझते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई ने अपनी जांच के बाद कार्रवाई की है, लेकिन राज्य सरकार और शिक्षा विभाग को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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