शोभना शर्मा। अलवर जिले स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में एक सनसनीखेज और शर्मनाक घटना सामने आई है। सर्जिकल आईसीयू (Surgical ICU) में भर्ती 32 वर्षीय महिला मरीज के साथ वहां के नर्सिंग ऑफिसर सुभाष गठाला ने कथित रूप से दुष्कर्म किया। यह घटना 4 जुलाई की रात घटी, जब पीड़िता इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थी।
नशे का इंजेक्शन देकर पर्दे के पीछे किया दुष्कर्म
जानकारी के अनुसार, आरोपी नर्सिंग ऑफिसर ने महिला को पहले नशीला इंजेक्शन लगाया और फिर बेड के चारों ओर पर्दे लगाकर इस अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया। उस वक्त ICU में कुल 8 बेड थे, जिनमें से 7 पर मरीज भर्ती थे, जिनमें 3 महिलाएं शामिल थीं। लेकिन इतनी संवेदनशील जगह पर भी सुरक्षा की घोर लापरवाही उजागर हुई।
कॉलेज प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज के डीन प्रोफेसर असीमदास ने तत्काल आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया। डीन का कहना है कि इस पूरे मामले में पुलिस जांच के आधार पर कॉलेज प्रशासन ने यह कदम उठाया है और इस विषय में मुख्यालय को भी जानकारी दे दी गई है।
पीड़िता के पति ने दर्ज कराई शिकायत
घटना के बाद पीड़िता के पति ने 6 जुलाई को एमआईए थाना पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया। पुलिस द्वारा अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और ICU में उस वक्त मौजूद अन्य मरीजों से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोमवार को पीड़िता के बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घिनौनी घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों में भय और आक्रोश है। लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि एक ICU जैसी हाई रिस्क यूनिट में महिला मरीज की सुरक्षा क्यों सुनिश्चित नहीं की गई?
स्थानीय लोगों में गुस्सा, सख्त कार्रवाई की मांग
इस कांड के बाद अलवर में सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ कर रही है। लोग मांग कर रहे हैं कि आरोपी को न सिर्फ कड़ी सजा दी जाए, बल्कि अस्पताल प्रशासन को भी सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। जांच में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी को सख्त सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।


