मनीषा शर्मा। राजस्थान में परिवहन विभाग ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, वाहन का रजिस्ट्रेशन करवाने या एनओसी लेने जैसे कामों के लिए आरटीओ दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जयपुर RTO से शुरू हुए इस प्रोजेक्ट में अब 37 सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई हैं। इनमें से कई सेवाएं ऐसी हैं जिन्हें पहले लोग एजेंट के माध्यम से करवाते थे और अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ता था। लेकिन अब डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस मात्र 200 रुपए में बनेगा और गाड़ियों की एनओसी मुफ्त उपलब्ध होगी।
इस नई व्यवस्था से आम लोगों को न केवल समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी। जल्द ही इस सिस्टम को पूरे प्रदेश के आरटीओ कार्यालयों में लागू किया जाएगा।
37 सेवाएं ऑनलाइन, अब नहीं लगाना होगा चक्कर
जयपुर के झालाना स्थित RTO ऑफिस से यह पहल शुरू की गई है। RTO प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि अब कुल 37 कार्य ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इनमें शामिल हैं:
वाहन का ट्रांसफर
एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट)
डुप्लीकेट RC
रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल
एड्रेस बदलना
RC कैंसिल करना
टैक्स क्लियरेंस सर्टिफिकेट
स्पेशल, टेंपरेरी, डुप्लीकेट परमिट और परमिट रिन्यूअल
ऑनलाइन टैक्स जमा करने की सुविधा
इसके अलावा लोन कटाना (हाइपोथिकेशन टर्मिनेशन) और लोन चढ़ाना (हाइपोथिकेशन एडिशन) की प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी गई है। यानी अगर आपकी गाड़ी पर बैंक या फाइनेंस कंपनी का लोन है, तो उसके दस्तावेज अब आप घर बैठे ऑनलाइन ही अपडेट करवा सकते हैं।
अभी भी 22 काम के लिए RTO ऑफिस जाना होगा
भले ही अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं, लेकिन अभी भी 22 कार्य ऐसे हैं जिनके लिए वाहन मालिक को खुद RTO ऑफिस आना पड़ेगा। इन कामों में वाहन की भौतिक जांच जरूरी होती है।
उदाहरण के तौर पर:
व्हीकल मोडिफिकेशन
व्हीकल फिटनेस सर्टिफिकेट
बिना आधार ऑथेंटिकेशन के मोबाइल नंबर अपडेट
इन प्रक्रियाओं के लिए वाहन को RTO दफ्तर में लाना जरूरी होगा।
3 वेबसाइटों से कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
ट्रांसपोर्ट विभाग ने तीन प्रमुख पोर्टल उपलब्ध कराए हैं, जिनसे कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है:
parivahan.gov.in – सभी वाहन व ट्रांसपोर्ट संबंधी सेवाएं
vahan.parivahan.gov.in – व्हीकल से जुड़ी सेवाएं
sarthiparivahan.com – ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित सेवाएं
अगर कोई व्यक्ति खुद ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहा है तो वह ई-मित्र केंद्र या RTO ऑफिस की हेल्प डेस्क से मदद ले सकता है।
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया बेहद सरल है। उदाहरण के लिए अगर आपको वाहन की नई RC डाउनलोड करनी है या वाहन ट्रांसफर करवाना है तो इन चरणों का पालन करना होगा:
parivahan.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
Online Services पर क्लिक करें।
जिस सेवा की जरूरत है, उसका विकल्प चुनें।
राज्य का चयन करें और वाहन नंबर डालें।
वेरिफिकेशन के लिए चेसिस नंबर डालें।
आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा करें।
इसके बाद आवेदन की स्थिति पोर्टल पर ट्रैक की जा सकती है।
हेल्प डेस्क से मिलेगी मदद
ऑनलाइन सेवाओं को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने और समस्याओं का समाधान करने के लिए जयपुर RTO ऑफिस में एक हेल्प डेस्क बनाई गई है। यहां चार कर्मचारियों की टीम लगातार लोगों को ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समझा रही है।
जूनियर असिस्टेंट पुष्पेंद्र जाटव के अनुसार, रोजाना 100 से 150 लोग हेल्प डेस्क से संपर्क कर रहे हैं। उन्हें न केवल ऑनलाइन प्रक्रिया सिखाई जा रही है बल्कि यह भी समझाया जा रहा है कि किस तरह से यह समय और पैसे की बचत करता है।
लोग बोले- नई व्यवस्था किफायती और पारदर्शी
लोगों ने इस नई ऑनलाइन व्यवस्था को बेहद फायदेमंद बताया है। सांगानेर के रामजीलाल ने कहा कि उन्हें एनओसी लेने के लिए किसी एजेंट को पैसा नहीं देना पड़ा, पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और मुफ्त हुई। वहीं रमेश सिखवाल ने बताया कि उन्होंने हाइपोथिकेशन टर्मिनेशन के लिए आवेदन किया था और इसकी कोई फीस नहीं ली गई।
पहले लोग आरटीओ ऑफिस के चक्कर लगाने से बचने के लिए एजेंट का सहारा लेते थे, जिससे अतिरिक्त खर्चा होता था। अब निर्धारित शुल्क का भुगतान कर घर बैठे ही काम पूरा हो रहा है।
सात दिन में पूरा होगा आवेदन
जयपुर RTO अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि अब किसी भी आवेदन को तीन चरणों में पूरा किया जाता है। अगर दस्तावेज और फीस सही तरीके से जमा हैं, तो अधिकतम सात दिनों में आवेदन को वेरिफाई कर अप्रूव कर दिया जाएगा।
अगर दस्तावेज अधूरे हैं तो आवेदन को रिवर्ट कर दिया जाएगा और अभ्यर्थी को सुधार का अवसर मिलेगा। यानी अब लोगों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
दूसरे जिलों के लोग भी कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
हालांकि यह व्यवस्था अभी जयपुर में लागू हुई है, लेकिन राज्य के अन्य जिलों के लोग भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्हें किसी एजेंट की जरूरत नहीं होगी।
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर शुचि त्यागी ने कहा कि फिलहाल दूसरे जिलों में ऑफलाइन काम जारी हैं, लेकिन धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में सभी सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया जाएगा। विभाग लगातार लोगों की समस्याओं को समझकर पोर्टल को और उपयोगी बनाने की कोशिश कर रहा है।
क्यों है यह बदलाव अहम?
राजस्थान जैसे बड़े राज्य में हर दिन हजारों लोग आरटीओ ऑफिस के चक्कर लगाते हैं। इस दौरान लोगों को न केवल समय और पैसा खर्च करना पड़ता है बल्कि बिचौलियों और एजेंटों पर भी निर्भर रहना पड़ता है।
इस नई व्यवस्था से:
पारदर्शिता बढ़ेगी
भ्रष्टाचार और बिचौलियों पर रोक लगेगी
लोगों का समय और पैसा बचेगा
आवेदन प्रक्रिया सरल और तेज होगी
प्रदेश भर में एक समान व्यवस्था लागू होगी


