मनीषा शर्मा। राजस्थान की मरु नगरी जैसलमेर को शनिवार के दिन केंद्र सरकार की ओर से बड़ी सौगात मिली। आधुनिक एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित हो चुके जैसलमेर रेलवे स्टेशन से पहली बार दिल्ली के लिए नई सुपरफास्ट एक्सप्रेस सेवा शुरू की गई। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह नई सेवा न सिर्फ जैसलमेर के पर्यटन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी।
रेल मंत्री ने किया शुभारंभ, स्टेशन पर रहा उत्सव जैसा माहौल
रेल मंत्रालय द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद रहे। दोनों का रेलवे अधिकारियों और स्थानीय नेताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ ने दोनों केंद्रीय मंत्रियों का स्टेशन पहुंचने पर अभिनंदन किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसके बाद रेल मंत्री ने नई सुपरफास्ट एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जैसलमेर जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के लिए यह सेवा एक ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है।
कई कद्दावर नेता रहे मौजूद, कार्यक्रम बना राजनीतिक केंद्र
इस महत्वपूर्ण पल के साक्षी राजस्थान के कई दिग्गज नेता भी बने। भाजपा जिलाध्यक्ष दलपत हिंगड़ा, जैसलमेर-बाड़मेर के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, विधायक छोटूसिंह भाटी, महंत प्रताप पुरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
नेताओं ने रेल मंत्री को इस नई ट्रेन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि लंबे समय से जैसलमेर के लिए दिल्ली की नियमित कनेक्टिविटी की मांग की जा रही थी, जो आज पूरी हुई है। इस पहल को जैसलमेर क्षेत्र के विकास और पर्यटन उद्योग को नई गति देने वाला बताया गया।
नेताओं ने रखीं क्षेत्र की विकास संबंधी मांगें
जहां नई ट्रेन की शुरुआत पर खुशी जताई गई, वहीं मंच पर क्षेत्र की विकास जरूरतों को भी मुखरता से उठाया गया। कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने मांग की कि जैसलमेर से अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों की भी शुरुआत हो ताकि लोगों को बेहतर यात्रा सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि जैसलमेर सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां रेलवे के कारखाने लगाए जाने चाहिए। इससे क्षेत्र में रोजगार भी बढ़ेगा और रेलवे को कुशल कर्मचारी भी उपलब्ध होंगे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने जैसलमेर-भाभर रेल लाइन शुरू करने और नई ट्रेनों को जोड़ने की मांग की। उनका कहना था कि जैसलमेर के विकास को तेज गति देने के लिए रेल विस्तार आवश्यक है।
दिल्ली तक 18 स्टेशनों पर ठहरेगी ट्रेन
नई सुपरफास्ट एक्सप्रेस का रूट व्यापक है और यह कई बड़े स्टेशनों पर रुकेगी। दिल्ली के शकूर बस्ती स्टेशन से रवाना होकर यह ट्रेन दिल्ली कैंट, गुड़गांव, रेवाड़ी, अलवर, दौसा, जयपुर, फुलेरा, नावासिटी, कुचामन, मकराना, डेगाना, मेडतारोड, जोधपुर, ओसियां, मारवाड़ लोहावट, फलोदी, रामदेवरा और आशापुरा गोमट स्टेशन पर ठहराव करेगी।
वापसी मार्ग पर भी ट्रेन जैसलमेर से दिल्ली तक इन्हीं स्टेशनों पर ठहरेगी। इससे न केवल यात्रियों को सुगम यात्रा मिलेगी, बल्कि जयपुर से लेकर जोधपुर और जैसलमेर तक के क्षेत्र को नई कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
पर्यटन और विकास के नए अवसर खुलने की उम्मीद
जैसलमेर देश और दुनिया भर के पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण स्थल है। यहां के सोनार किले, रेतीले टीलों और सांस्कृतिक धरोहरों को देखने हर साल लाखों पर्यटक आते हैं। नई सुपरफास्ट एक्सप्रेस सेवा से दिल्ली के साथ सीधी कनेक्टिविटी मिलने के बाद पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।


