मनीषा शर्मा। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए टैबलेट आधारित परीक्षाओं (Tablet-Based Exams) की नई पहल कर रहा है। यह कदम ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बोर्ड की योजना है कि भविष्य में टैबलेट आधारित टेस्ट (Tablet-Based Test) का उपयोग भर्ती परीक्षाओं के लिए किया जाए। लेकिन इससे पहले बोर्ड मॉक टेस्ट आयोजित कर यह सुनिश्चित करेगा कि यह प्रक्रिया सुरक्षित और हैक-प्रूफ हो।
हैकर्स की मदद से प्रणाली का परीक्षण
26 और 27 नवंबर को, बोर्ड हैकर्स को बुलाकर टैबलेट आधारित परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा का परीक्षण करेगा। यह परीक्षण जयपुर के दुर्गापुरा में बोर्ड के कार्यालय में होगा।
- प्रक्रिया: 400 चयनित वॉलंटियर विद्यार्थियों को इस मॉक टेस्ट में शामिल किया जाएगा।
- मॉनिटरिंग: IIT कानपुर और MNIT के विशेषज्ञ इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
- उद्देश्य: अगर हैकर्स इस परीक्षा प्रणाली को हैक करने में असफल रहते हैं, तो टैबलेट आधारित परीक्षा का उपयोग भर्ती परीक्षाओं में किया जाएगा।
टैबलेट आधारित परीक्षा: कैसे होगी प्रक्रिया?
1. टैबलेट का उपयोग क्यों?
- पारदर्शिता: पारंपरिक परीक्षा प्रक्रियाओं में होने वाली गड़बड़ियों को रोकना।
- लागत में कमी: टैबलेट का उपयोग कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं से सस्ता होगा।
- सुविधा: टैबलेट को कहीं भी ले जाया जा सकता है, जिससे परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।
2. टैबलेट का चयन और टेंडर प्रक्रिया
- बोर्ड इन टैबलेट्स को टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से मंगवाएगा।
- टैबलेट्स को इस तरह तैयार किया जाएगा कि वे केवल परीक्षा के लिए ही उपयोग किए जा सकें और बाहरी हस्तक्षेप न हो।
3. प्रारंभिक चरण में छोटी परीक्षाएं
- टैबलेट आधारित परीक्षा प्रणाली को पहले छोटी भर्ती परीक्षाओं में लागू किया जाएगा।
- अगर यह प्रणाली सफल रहती है, तो इसे बड़ी परीक्षाओं में भी लागू किया जाएगा।
मॉक टेस्ट और हैकर परीक्षण की अनोखी पहल
1. मॉक टेस्ट की प्रक्रिया
- चयनित 400 विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड जारी किए गए हैं।
- मॉक टेस्ट में वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो वास्तविक परीक्षा में होती है।
- इस दौरान हैकर्स परीक्षा प्रणाली को हैक करने की कोशिश करेंगे।
2. विशेषज्ञों की निगरानी
- IIT कानपुर और MNIT जयपुर के विशेषज्ञ इस पूरी प्रक्रिया को मॉनिटर करेंगे।
- वे सुनिश्चित करेंगे कि टैबलेट आधारित परीक्षा प्रणाली हैक-प्रूफ हो।
3. परिणाम के आधार पर निर्णय
- अगर हैकर्स इस प्रणाली को हैक नहीं कर पाते हैं, तो इसे लागू किया जाएगा।
- अगर सिस्टम में खामियां पाई जाती हैं, तो इसे सुधारने के लिए और प्रयास किए जाएंगे।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की आवश्यकता
1. वर्तमान प्रणाली की समस्याएं
- परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोपों ने बोर्ड की साख को नुकसान पहुंचाया है।
- परीक्षा केंद्रों पर चोरी, पेपर लीक, और अन्य समस्याएं आम हो गई हैं।
2. टैबलेट आधारित प्रणाली से संभावित लाभ
- सुरक्षा: टैबलेट पर परीक्षा आयोजित करने से पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों को रोका जा सकेगा।
- तत्काल परिणाम: ऑनलाइन परीक्षा से परिणाम जल्दी घोषित किए जा सकते हैं।
- भौगोलिक लचीलापन: छात्रों को अपने स्थान के नजदीक परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।
बोर्ड के अध्यक्ष का बयान और भविष्य की योजनाएं
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने कहा:
“हम चाहते हैं कि भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी और सुरक्षित हों। मॉक टेस्ट और हैकर परीक्षण के बाद हम यह तय करेंगे कि टैबलेट आधारित प्रणाली को किस स्तर पर लागू किया जा सकता है।”
भविष्य की योजना:
- प्रारंभ में टैबलेट आधारित परीक्षा प्रणाली का उपयोग केवल छोटी परीक्षाओं में किया जाएगा।
- यदि परिणाम सकारात्मक रहते हैं, तो इसका विस्तार बड़ी परीक्षाओं तक किया जाएगा।


