शोभना शर्मा। लंबे समय से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी नई कार्यकारिणी को लेकर इंतजार गुरुवार को समाप्त हो गया। राजस्थान भाजपा ने आखिरकार नई कार्यकारिणी का गठन कर दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर नई टीम की औपचारिक घोषणा की। कुल 34 नामों की सूची जारी की गई है, जिसमें पार्टी ने अनुभव, संगठनात्मक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का ध्यान रखा है। इस घोषणा के साथ ही राजस्थान में पार्टी संगठन की नई ढांचा संरचना स्पष्ट हो गई है, जिसे आगामी स्थानीय और राष्ट्रीय राजनीतिक परिस्थितियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई कार्यकारिणी में 9 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री, 7 मंत्री, एक कोषाध्यक्ष, एक सहकोषाध्यक्ष, एक प्रकोष्ठ प्रभारी और 7 प्रवक्ता शामिल किए गए हैं। पिछले कार्यकाल में जहां 10 उपाध्यक्ष नियुक्त थे, वहीं इस बार संख्या घटाकर 9 की गई है। यह बदलाव संगठनात्मक नए स्वरूप और जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण की ओर संकेत करता है।
उपाध्यक्षों की सूची और प्रतिनिधित्व
उपाध्यक्ष पद पर इस बार अनुभव और नए चेहरों का संतुलन देखा गया है। नाहर सिंह जोधा, मुकेश दाधीच और डॉ. ज्योति मिर्धा को फिर से उपाध्यक्ष बनाया गया है, जो उनके पिछले प्रदर्शन और संगठन में सक्रियता की पुष्टि करता है। वहीं सरदार सुरेंद्र पाल सिंह टीटी, बिहारीलाल विश्नोई, छगन माहुर, हकरू माईड़ा, अल्का मुन्दड़ा और सरिता गेना को उपाध्यक्ष के रूप में नए दायित्व सौंपे गए हैं। इस नियुक्ति में महिला नेतृत्व और सामाजिक विविधता को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है।
संगठनात्मक ढांचे में प्रमुख बदलाव – महामंत्री और मंत्री
कार्यकारिणी के भीतर प्रशासनिक और समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण पद माने जाने वाले महामंत्री पद पर 4 व्यक्तियों की नियुक्ति की गई है। श्रवण सिंह बगड़ी, कैलाश मेघवाल, भूपेन्द्र सैनी और मिथिलेश गौतम को अहम जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा है कि ये नियुक्तियां संगठन की मजबूती और प्रदेश स्तर पर कार्य योजनाओं के तेज़ क्रियान्वयन को देखते हुए की गई हैं।
इसके साथ ही 7 नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें नारायण मीणा, अजीत माडन, अपूर्वा सिंह, आईदान सिंह भाटी, एकता अग्रवाल, नारायण पुरोहित और सीताराम पोसवाल (गुर्जर) शामिल हैं। संगठन के अंदर युवा नेतृत्व और जातीय प्रतिनिधित्व का समावेश इस चयन में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। विश्लेषकों के अनुसार इन पदों पर नियुक्ति आगामी चुनावी तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
अन्य प्रमुख नियुक्तियां
नई कार्यकारिणी में वित्तीय प्रबंधन और मीडिया रणनीति पर भी विशेष जोर दिया गया है। पंकज गुप्ता को कोषाध्यक्ष और डॉ. श्याम अग्रवाल को सहकोषाध्यक्ष बनाया गया है। संगठनात्मक प्रकोष्ठ में विजेन्द्र पूनिया की नियुक्ति प्रकोष्ठ प्रभारी के रूप में की गई है।
7 प्रवक्ताओं की सूची में कैलाश वर्मा, कुलदीप धनकड़, रामलाल शर्मा, दशरथ सिंह, मदन प्रजापत, राखी राठौड़ और स्टेफी चौहान शामिल हैं। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा प्रदेश स्तर पर मीडिया प्रबंधन और जनसंपर्क रणनीति को बेहद सक्रिय और मजबूत करने की तैयारी में है।
इसके अलावा, मुकेश पारीक को कार्यालय सचिव, हीरेन्द्र कौशिक को सोशल मीडिया प्रभारी, अविनाश जोशी को आईटी प्रभारी और प्रमोद कुमार वशिष्ठ को मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। ये पद पार्टी की जनसंपर्क और कैम्पेनिंग रणनीति के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
राजनीतिक महत्व
राजस्थान में नई भाजपा कार्यकारिणी का गठन ऐसे समय में किया गया है जब प्रदेश की राजनीतिक स्थिति तेजी से बदल रही है। पार्टी के लिए यह नया संरचनात्मक रूप संगठनात्मक एकजुटता और चुनावी रणनीति दोनों के लिहाज से अहम है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार इस टीम में क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक विविधता और नए नेतृत्व को शामिल किया गया है, जिससे भाजपा आने वाले महीनों में अधिक आक्रामक रूप से संगठन और चुनाव की दिशा में काम कर सकती है।


